4 साल मोदी सरकारः जनजातीय विकास पर सरकार का ज़ोर

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केंद्रीय जनजातीय कार्यमंत्री जुएल ओराम ने चार वर्ष की उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 4 वर्षों में 18 हजार 415 करोड़ रु जनजातीय विकास के लिए खर्च किए हैं, वन धन योजना के तहत लोग आर्थिक रुप से मजबूत हुए हैं।

देश के जनजातीय विकास के लिये केंद्र सरकार ने पिछले चार वर्षों में कई नयी ऐसी योजनायें बनायी जिसके चलते इन इलाकों में न सिर्फ लोग आर्थिक रुप से मजबूत हुये बल्कि नक्सलवाद से जुड़ी घटनाओं में भी काफी कमी आयी है। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने चार वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुये बताया कि सरकार की योजनाओं के चलते जंहा इन इलाकों में विकास हुआ है।

देश के जनजातीय इलाकों में पिछले 48 महीनों में बहुत कुछ बदला है बात चाहे शिक्षा की करें या स्वास्थय की केंद्र सरकार की योजनाओं ने यंहा की तस्वीर ही बदल दी है आंकडों के हिसाब से जानने की कोशिश करें तो

1-पिछले 4 वर्षों में 18 हजार 415 करोड़ रु जनजातीय विकास के लिये खर्च किये गये
2- 74 नये एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बनाये गये, छात्र छात्राओं की संख्या दोगुनी हुयी
3- वन धन योजना के तहत लोग आर्थिक रुप से मजबूत हुये
4- जनजातीय इलाकों के उत्पादों को बेचने के लिये बाज़ार उपलब्ध कराया गया

केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनजातीय विकास के लिये काफी फोकस रहा है और इसी का नतीजा रहा है कि पिछले चार वर्षों में बनी योजनाओं ने यंहा के लोगों को देश की मुख्यधारा से जोड़ दिया है केंद्र सरकार का विशेष ज़ोर इन इलाकों में शिक्षा के साथ साथ रोजगार पर रहा है आज इन्ही योजनाओं के चलते जनजातीय इलाकों में नक्सल की कमर टूट चुकी है