जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार का बड़ा क़दम

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बैंकों और बीमा कंपनियों के दीवालियापन की स्थिति में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार का बड़ा क़दम, इस दिशा में नए विधेयक पर काम जारी, विधेयक जमाकर्ताओं और बीमा कंपनियों में सुरक्षा के लिए ज़्यादा कारगर

बैंकों और बीमा कंपनियों के दीवालियापन की स्थिति में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने अगस्त माह में संसद में नया विधेयक पेश किया था। 15 दिसंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में इस विधेयक पर चर्चा होने की उम्मीद है जहां सरकार वित्तीय क्षेत्र में जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए नए कानून को पारित कराने की कोशिश करेगी।

ये विधेयक बैंकों में पैसा जमा करने वालों और बीमा कंपनियों में सुरक्षा के लिए किए गए निवेश की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। देश में वित्तीय क्षेत्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों में काम कर रही कंपनियों के लिए इन्सोन्वेन्सी और बैंकरप्टसी कोड बीते साल ही लागू किया जा चुका है। सरकार ने साफ किया है कि देश में बैंक अथवा बीमा कंपनियों का रेगुलेशन काफी मजबूत है और इनके असफल होने की संभावना न के बराबर है।

फिर भी किसी अप्रत्याशित स्थिति में सरकार जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और नए कानून में प्रावधान किए गए हैं कि ऐसी किसी भी स्थिति में निवेशकों और जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा की जाएगी। गौरतलब है कि फिलहाल बैंकों में 1 लाख रूपए तक की राशि को सुरक्षित रखने की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है।

नए कानून में प्रावधान है कि एक लाख से ऊपर के जमा को भी सरकार अथवा असुरक्षित कर्ज की अपेक्षा ज्यादा तरजीह दी जाएगी। नए कानून में इस बात का ख्याल रखा गया गया है कि निवेशकों और जमाकर्ताओं के हित और ज्यादा सुरक्षित हों।