असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को सरकार का बड़ा तोहफा

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असंगाठित क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार ने तय किया है कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की पेंशन योजना में एम्प्लॉयर यानि नियोक्ता की तरफ से दिए जाने वाला पूरा खर्च सरकार उठाएगी। माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से रोजगार के अवसर बढाने में मदद मिलेगी। फिलहाल नौकरी के शुरुआती तीन साल तक के लिए एम्प्लॉयर के योगदान का खर्च उठाने का फैसला सरकार ने किया है।

कैबिनेट ने इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार के मुताबिक इससे अनौपचारिक क्षेत्र के कामगार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे तो साथ ही और ज्यादा नौकरियों के अवसर पैदा होंगे। इस योजना पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे

मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले नए कर्मचारियों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना में एम्प्लॉयर की तरफ से किया जाने वाला पूरा योगदान अब सरकार देगी। फिलहाल नौकरी के शुरुआती तीन साल तक के लिए एम्प्लॉयर के योगदान का खर्च उठाने का फैसला सरकार ने किया है। देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के मकसद से लिए गए कैबिनेट के इस फैसले के तहत एम्प्लॉयर की तरफ से दिए जानेवाले पूरे 12 फीसदी के योगदान का खर्च सरकार उठाएगी।

पीएम मोदी की पहल पर प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना साल 2016 में शुरु की गई थी। इस योजना के तहत, सरकार 15 हजार रूपये प्रति महीने तक के वेतन वाले नये कर्मचारियों के लिए कर्मचारी पेंशन योजना में फिलहाल एम्प्लॉयर 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी योगदान का भुगतान कर रही थी। अब एम्प्लॉयर के योगदान का पूरा खर्च उठाने का फैसला हुआ है। योजना का फायदा ये है कि एम्‍पलॉयर्स को नए लोगो को नौकरी देने के लिए प्रोत्‍साहन मिलता है, वहीं लोगों के लिए भी नौकरी के मौके बढ़ जाते हैं।