आईएलएफएस की आर्थिक हालत सुधारने के लिए सरकार ने उठाया क़दम

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सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी आईएलएफएस की आर्थिक हालत सुधारने के लिए उठाया क़दम, कंपनी के बोर्ड को किया पुनर्गठित, नेश्नल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल ने किया प्रस्ताव मंजूर, सरकार का आश्वासन, हालात को और बिगड़ने नहीं दिया जाएगा ।

केन्द्र सरकार ने जनहित में आईएलएफएस और उसकी सहयोगी कंपनियों के बोर्ड को सुपरसीड करने के लिए एनसीएलटी में अपील याचिका दायर की है। आईएलएफएस और उसकी सहयोगी कंपनियां गंभीर अनियमितताओँ के मामले में फंसी है।

कर्जदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए और कंपनी में बाजार का भरोसा कायम रखने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आईएलएंडएफएस और इसकी सहायक कंपनियों के मामलों पर भी गंभीर शिकायतें हुई हैं जिनके लिए एसएफआईओ जांच का आदेश दिया गया है ।

आईएलएफएस और उसकी सहयोगी कंपनियों में गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद सरकार ने सोमवार को कुछ मजबूत और निर्णायक कदम उठाए। मामले की गंभीरता को समझते हुए और आईएलएफएस के कर्जदारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एनसीएलटी में अपील कर कंपनी के बोर्ड को सुपरसीड करने की याचिका दायर की। कंपनी में बाजार का भरोसा कायम रखने के लिए सरकार ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

सरकार ने कहा कि वित्तीय संकट से जूझ रही कंपनी को बचाने के लिए जो उपाय सामने आए उसमें प्रबंधन स्तर पर बदलाव की बात सामने आई है। उसके बाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में अपील की गई जिसके बाद निदेशक मंडल को बदलने को मंजूरी प्रदान की गई।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि विश्वास बहाली के लिए जरूरी है कि इस प्रकार का कदम उठाया जाए। आईएल एंड एफएस प्रबंधन और कंपनी की विश्वसनीयता में वित्तीय बाजार का विश्वास बहाल करने की जरूरत पर बल देते हुए केन्द्र ने आश्वासन दिया कि अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे और अन्य उत्पादक क्षेत्रों को भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास गति को बनाए रखने के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि आईएलएंडएफएस और इसकी सहायक कंपनियों के मामलों पर भी गंभीर शिकायतें हुई हैं जिनके लिए एसएफआईओ जांच का आदेश दिया गया है। नये निदेशक मंडल को आठ अक्टूबर को अपनी पहली बैठक करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद निर्देशक मंडल को 31 अक्टूबर तक कंपनी के बारे में जानकारी और भविष्य की कार्ययोजना न्यायालय के समक्ष जमा कराने के लिए कहा गया है ।