महिला शरणालय में बंद लड़की को युवक पति बनकर की छुडाने कोशिश, फर्जी दस्तावेजों से हुआ खुलासा

शेयर करें:

प्रयागराज: राजकीय महिला शरणालय मे बंद बालिका को छुडाने के लिए युवक ने फर्जी मार्कशीट व टीसी लगाकर खुल्दाबाद स्थित महिला शरणालय में बंद बालिका को छुड़ाने की कोशिश की गई है। फर्जी प्रमाण पत्र व मार्कशीट के शक होने पर शरणालय के अधिकारियों ने मार्कशीट व टीसी की जांच कराई तो दस्ताबेज फर्जी मिले.

शरणालय के अधिकारियों ने इस मामले को न्यायालय बाल कल्याण बोर्ड को सूचित किया, बोर्ड ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की. बालिका फिलाल राजकीय महिला शरणालय मे ही बंद है. गौरतलब है कि ये मामला कोरांव मोहल्ला निवासी नाबालिग लडकी 5 दिसंबर को 2018 को रामपुर गांव का रहने वाला हसन भगा ले गया था.

परिवारजनों ने इस युवक हसन और मां अंजुमा और युवक के दोस्त गुड्डू पर अपहरण का मामला दर्ज कराया. पुलिस ने मामले पर कार्रवाई शुरू की तो तीन महीने बाद लडकी और हसन को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को युवक हसन ने बताया कि हम दोनो ने शादी रचा ली है.

परिवारीजनों से पूछताछ पर घरवालों ने बातया कि मेरी बेटी अभी नाबालिग है उसकी उम्र 14 साल है, ऐसे में शादी संभव नही हो सकती. पुलिस इस मामले को कोर्ट ले गई, अदालत में सुनवाई के बाद लड़की को राजकीय बालिका शरणालय में भेजा दिया.

मामले का खुलासा तब हुआ युवक हसन राजकीय महिला शरणालय मे बंद बालिका को छुडाने के लिए फर्जी मार्कशीट व टीसी दिखा कर कहा कि लडकी 18 साल की है, उसे छोडा जाए. सावित्री देवी जूनियर हाईस्कूल सेनाई करछना की मार्कशीट और टीसी देख अधिकारियों को शक हुआ. दस्ताबेजों को सत्यापित कराने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा गया.

खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया है कि जिस नाम के दस्तावेज है वह उस स्कूल में पडी ही नही है. पूरा प्रकरण न्यायालय के संज्ञान में लाया गया. पूरा फर्जीवाड़ा हसन लड़की का पति बनकर करता रहा. युवक पर कार्रवाई शुरू हो गई है. फिलहाल बालिका शरणालय में ही है.