सहारनपुर : प्लॉट में कचरा मिला तो एक लाख तक का जुर्माना

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सहारनपुर। कोरोना को लेकर नगर निगम बोर्ड की आपात बैठक बुलाई गई। बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए व्यक्तिगत और शहर की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने भी पार्षदों को जागरूक किया। बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें खाली पड़े प्लॉटों में कचरा पड़ा मिलने पर प्लॉट स्वामी पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की बात कही गई है।

बोर्ड की बैठक जनमंच प्रेक्षागृह में हुई। जनमंच में एंट्री से पहले सभी महापौर, नगरायुक्त, अधिकारियों, पार्षदों और कर्मचारियों के सैनिटाइजर से हाथ धुलवाए गए। जनमंच के भीतर भी पार्षदों को एक-एक कुर्सी छोड़कर यानी कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर बिठाया गया। मंच पर महापौर, नगरायुक्त और अधिकारी एक साइड में बैठे, जबकि अन्य अधिकारियों को अलग बिठाया गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एके त्रिपाठी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कोरोना के खतरों की जानकारी दी और बचाव के टिप्स दिए। इसके लिए प्रिंटेड प्रचार सामग्री भी बांटी गई। महापौर संजीव वालिया ने बताया कि कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वार्ड में होर्डिंग लगवाए जा रहे हैं।

सफाईकर्मियों को मास्क, ग्लब्स और सैनिटाइजर बांटे गए हैं। पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र में जनता को जागरूक करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर पहला नगर निगम है, जिसने कोरोना से बचने को अभियान छेड़ा है। नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना का कोई इलाज फिलहाल नहीं है। ऐसे में सावधानी अपनाकर ही हम इस बीमारी से बच सकते हैं। अगले 15 दिन और विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। डब्ल्यूएचओ से आए डॉक्टर आनंद ने कोरोना से बचाव की जानकारी दी। विधायक प्रतिनिधि विपिन जैन, पार्षद मुकेश गक्खड़, भूरा सिंह प्रजापति, संजय गर्ग, आशुतोष सहगल, चंद्रजीत सिंह निक्कू, अमित त्यागी, पंकज उपाध्याय आदि द्वारा सवाल पूछे गए।