नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2011 प्रभावशील

शेयर करें:

भोपाल @ प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा-1 में अथवा प्रथम प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर नि:शुल्क प्रवेश दिलवाया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 10 लाख बच्चों को इसका लाभ दिलवाया जा चुका है। वर्ष 2018-19 में इसके लिये स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की नि:शुल्क प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के मकसद से ऑनलाइन लाटरी के माध्यम से शैक्षणिक प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित की गई है। प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया होने से कमजोर वर्ग के बच्चों को अच्छे स्कूलों में प्रवेश के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं। पिछले शैक्षणिक सत्र 2017-18 में एक लाख 46 हजार बच्चों को निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलवाया गया। प्रवेशित बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की गई है।