लॉक डाउन में झूठी अनुमति मांगना पड़ा महंगा हुई FIR

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जबलपुर । शहर में बीते 21 मांर्च से लॉक डाउन लगा है जिसको लेकर शहर से बाहर जाने के लिए लोग तरह तरह का आवेदन बनाकर अनुमति मांग रहे है पर जबलपुर कलेक्टर भरत यादव किसी भी तरह का कोरोना वायरस को लेकर खतरा नही उठाना चाहते है यही वजह है कि आवश्यक परिस्थितियों में शहर के बाहर जहर जाने की अनुमति दी जा रही है।

दादा के अंतिम दर्शन बोलकर मांगी अनुमति-पकड़े गए तो हुई एफआईआर…..
झूठी सूचना देकर बालघाट जाने की अनुमति प्राप्त करने के प्रयास में एक व्यक्ति के विरुध्द जिला प्रशासन द्वारा सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। अपर कलेक्टर संदीप जीआर के मुताबिक शक्तिनगर जबलपुर निवासी बृजेश कुमार हरिनखेड़े ने अनुविभागीय दण्डाधिकारी गोरखपुर आशीष पांडे को अपने दादा जी के अंतिम दर्शन हेतु ग्रहनगर बालाघाट जाने के लिये अनुमति प्रदान करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले में सन्देह होने पर जब एसडीएम आशीष पांडे द्वारा तहसीलदार गोरखपुर प्रदीप मिश्रा से जाँच कराई गई तो पाया गया कि आवेदक के दादा जी का बर्ष 2017 में ही निधन हो गया था।

झूठ बोला है तो अब होगी प्रशासनिक कार्यवाही…..
लॉकडाउन के दौरान झूठी सूचना देकर ग्रह नगर जाने की अनुमति लेने का प्रयास करने के मामले में गोरखपुर के पटवारी अखिलेश ठाकुर द्वारा गोरखपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।पुलिस ने आवेदक ब्रजेश कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 177, 188 एवं 270 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।