वित्तं मंत्री ने निवेशकों से भारत आने तथा निवेश करने की अपील की

शेयर करें:

केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत अब प्रत्य1क्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए सर्वाधिक अनुकूल एवं आकर्षक गंतव्य हो गया है जिसकी पुष्टि इस तथ्यट से होती है कि विश्व भर में सर्वाधिक एफडीआई प्राप्तन करने वाले देशों में अब भारत की भी गिनती होती है।

अरुण जेटली अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत कल सिंगापुर पहुंचे। उन्होंने निवेशकों और सिंगापुर सरकार के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की । वित्तख मंत्री ने वर्तमान सरकार द्वारा लागू किए गए प्रमुख सुधारों पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों से भारत आने तथा निवेश करने को कहा, जो अब प्रत्य क्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए दुनिया का सर्वाधिक अनुकूल एवं आकर्षक गंतव्यर हो गया है

वित्तध मंत्री श्री जेटली कल सिंगापुर में आयोजित निवेशक गोलमेज बैठक में उद्घाटन भाषण दे रहे थे, जिसका आयोजन वित्तध मंत्रालय और सिंगापुर में भारत के उच्चाियोग द्वारा संयुक्त् रूप से किया गया था। वित्तल मंत्री श्री जेटली ने कहा कि देश में आर्थिक विकास की गति तेज करने के लिए वर्तमान सरकार ने एक के बाद एक अनेक महत्व‍पूर्ण आर्थिक सुधार लागू किए हैं जिनमें व्यागपक बदलाव लाने में सक्षम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को 1 जुलाई, 2017 से लागू करना भी शामिल है।

इसके अलावा दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) को लागू करना और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को नई पूंजी उपलब्ध कराने के लिए पैकेज की घोषणा भी इनमें शामिल हैं जिससे बैलेंस शीट से जुड़ी समस्याप को सुलझाने और निजी निवेश को नई गति प्रदान करने में मदद मिलेगी।

वित्तक मंत्री ने वर्तमान सरकार के अनेक अन्यी महत्वलपूर्ण कदमों का भी उल्ले्ख किया जिनमें विमुद्रीकरण के ज़रिए काले धन पर कड़ी कार्रवाई और प्रत्यमक्ष विदेशी निवेश से जुड़ी नीतिगत व्यकवस्थाल में अहम बदलाव भी शामिल हैं। उन्होंरने पिछले 3 वर्षों में वर्तमान सरकार द्वारा ‘कारोबार में सुगमता’ के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों पर भी प्रकाश डाला। इन उपायों के परिणामस्वररूप विश्व बैंक के ‘कारोबार में सुगमता’ सूचकांक में भारत वर्ष 2014 के 146वें पायदान से ऊपर चढ़कर अक्टूरबर 2017 में 100वें पायदान पर पहुंच गया है।

इससे पहले, कल आयोजित सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल में अपने मुख्य4 संबोधन में केन्द्री य वित्तश मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि हाल के वर्षों में वर्तमान सरकार द्वारा लागू किए गए तीन महत्व।पूर्ण ढांचागत सुधारों यथा आधार, विमुद्रीकरण और जीएसटी से गवर्नेंस में पारदर्शिता तथा दक्षता आई है और इनकी बदौलत नकदी से ‘लेस कैश’ की तरफ एवं अनौपचासरिक अर्थव्य वस्थाथ से औपचारिक अर्थव्यलवस्थास की ओर उन्मुकख होने में मदद मिली है।