वीर सैनिकों के परिजन भी बधाई के पात्र हैं – माया सिंह

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ग्वालियर @ प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री माया सिंह ने कहा है कि देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे उन वीर सपूतों के साथ-साथ उनके परिजन भी बधाई के पात्र हैं। जो अपना बेटा, भाई, पिता, पति को अपने से दूर रखकर हम सबकी सुरक्षा करने के लिये संबल प्रदान करते हैं। इसी का परिणाम है कि हम अपने घरों में महफूज़ रहते हैं। उन्होंने यह बात “पूर्व सैनिक समाज जाबांज संगठन” ग्वालियर द्वारा कनक गार्डन में आयोजित पूर्व सैनिकों के सम्मेलन में कही। इस कार्यक्रम में संगठन की ओर से देश की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहूति दे चुके शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त मेजर जनरल राधेश्याम शर्मा, ब्रिगेडियर हरनाम सिंह भदौरिया, डीआईजी हरवंश सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन ए के एस पलवार, संगठन के अध्यक्ष सोबरन सिंह तोमर, पार्षद बलवीर सिंह तोमर सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन उपस्थित थे।

माया सिंह ने कहा कि प्रत्येक भारतीय को भारत की सेना और उसके सैनिकों पर नाज़ है। शांति और युद्धकाल दोनों की परिस्थितियों में सैनिकों द्वारा जो रोल अदा किया जा रहा है वह हम सभी के लिये प्रेरणादायी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नए भारत के निर्माण के लिये प्रारंभ किए गए “संकल्प से सिद्धि” कार्यक्रम में जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता अभियान के तहत जो संदेश दिया है, उसके अनुसार हमें सामाजिक, राजनैतिक और आर्थिक सभी क्षेत्रों में स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करना है। माया सिंह ने भोपाल में स्थापित शौर्य स्मारक की प्रशंसा की और कहा कि प्रत्येक प्रदेशवासी को इस स्थान का भ्रमण अवश्य करना चाहिए। उन्होंने जाबांज संगठन की माँग पर ग्वालियर शहर में भी शहीद स्मारक बनाए जाने के लिये प्रयास प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व सैनिकों द्वारा पत्नी के नाम वाली सम्पत्तियों में सम्पत्ति कर की छूट तथा शस्त्र लायसेंस रिन्यूवल फीस माफी की माँग के संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन भी दिया।

इससे पूर्व संगठन के अध्यक्ष सोबरन सिंह तोमर ने उक्त तीनों माँगें आवास एवं पर्यावरण मंत्री के समक्ष रखी थीं। साथ ही उन्होंने संगठन को मजबूत व सक्रिय बनाने की अपील अपने सदस्यों से की। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी पलवार ने कहा कि प्रदेश और भारत सरकार पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निराकरण और उन्हें सुविधायें मुहैया कराने के लिये कृत संकल्पित है। सैनिकों की समस्याओं के निराकरण के लिये जिला सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा सैनिक रैली का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए माया सिंह ने कहा कि ऐसे उदाहरण भारतवर्ष में ही देखने को मिलते हैं जब पति आतंकवादियों के साथ संघर्ष करते हुए शहीद हो जाए, तब भी पत्नी देश की सेवा में अपने आप को प्रस्तुत कर देती हो। उन्होंने यह बात आतंकवादियों के साथ संघर्ष में शहीद हुए मेजर संतोष महाडिक की पत्नी स्वाति महाडिक के विषय में कही। जिन्होंने शुक्रवार को भारतीय सेना में लेफ्टीनेंट के पद पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। माया सिंह ने कहा कि “ऐसी जाबांज महिला को मेरा सेल्यूट” ।