‘फेयरी क्वीन’ ट्रेन एक बार फिर से पटरियों पर दौड़ी

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ये है दुनिया का सबसे पुराना भाप इंजन नाम है फेरी क्वीन जब ये रेल इंजन चलता है तो इतिहास की सुनहरी याद दिलाता है देश विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र और दुनिया के सबसे पुराने चालू भाप इंजन वाली ‘फेयरी क्वीन’ ट्रेन एक बार फिर से पटरियों पर दौड़ने लगी है । यह ट्रेन पर्यटन सीजन में अक्टूबर से अप्रैल तक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को दिल्ली कैंट से रेवाड़ी के लिए चलाई जा रही है।

1855 में बने इस इंजन ने भारत के पहले स्वाधीनता संग्राम से लेकर आजादी तक कई अहम ऐतिहासिक मोड़ देखे हैं। ये है दुनिया का सबसे पुराना भाप इंजन नाम है फेरी क्वीन जब ये रेल इंजन चलता है तो इतिहास की सुनहरी याद दिलाता है।

दुनिया का सबसे पुराना भाप इंजन एक बार फिर पर्यटकों को सैर करा रहा है। पुराने दिनों को अगर आप एक बार फिर याद कराना चाहते है तो छुक छुक चलने वाली ये रेलगाड़ी सफर कराने को तैयार है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली कैंट से रेवाड़ी स्टीम शेड तक फेरी क्वीन चल रही है। 162 साल पुरानी फेयरी क्वीन जब अपने मदमस्त चाल से चलती है तो पर्यटकों का मन मोह लेती है। भारत ही नहीं पूरी दुनिया के पर्यटक सबसे पुराने इंजन की सवारी का जमकर लुत्फ उठा रहे हैं।

इठलाती बलखाती सरपट पटरियों पर दौडती आखिर कार जब रेवाड़ी पहुंचती है तो इसे एक नजर देखने के लिए स्टेशन पर देखने वालों की हुजुम लग जाती है। रेवाड़ी में आपका इंतजार हेरिटेज लोको शे़ड करता है जहां पुराने भाप इंजनों को बहुत ही हिफाजत से संजो कर रखा गया है। रेवाडी के रेल म्युजियम में आप अपने परिवार के साथ ट्वाय ट्रेन का आनंद उठा सकते है। यहां अकबर और आजाद भाप इंजन है। यहां अब तक 18 फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

162 वर्ष पुराने इस ट्रेन से यात्रा का अब आप भी लुत्फ़ उठा सकते है। अक्टूबर से अप्रैल तक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को दिल्ली कैंट से रेवाड़ी तक चलेगी फेयरी क्वीन। इस ट्रेन में यात्रियों के लिए 60 एसी सीटे है। आप इस ट्रेन की टिकट की बुकिंग इंटरनेट के जरिये आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.railtourismindia.com से भी करा सकते हैं।

फेयरी क्वीन’ ट्रेन का किराया बच्चों के लिए 3240 रूपये और वयस्कों के लिए 6480 रूपये रखा गया है। इस किराया में रेवाड़ी के हेरीटेज लोको शेड घुमने का भी शुल्क शामिल है। फेयरी क्वीन देश की प्रमुख धरोहरों में से एक है जिसने रेल के विकास को देखा और आज भी बड़े शान से पर्यटकों को दिल्ली से रेवाड़ी की सैर करा रहा है