विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून : धरती पर रहने वाले हर व्यक्ति को अच्छा आहार मिले ताकि किसी की सेहत प्रभावित न हो – योग गुरु महेश अग्रवाल

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योग गुरु महेश अग्रवाल ने विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 7 जून के अवसर पर कहा कि हमारी शिक्षा के प्रमुख विषयों में ही इस को शामिल कर लेना चाहिए, स्वास्थ्य के सर्वांगीण विकास के लिए भोज्य पदार्थों के प्रमुख अवयवों के बारे में समुचित ज्ञान आवश्यक है क्योंकि आवश्कतानुसार लोग तब इनकी खोज उन स्त्रोतों में कर पायेंगे जहां से इन्हें मूल रूप में प्राप्त किया जा सकता है और एक सन्तुलित भोजन प्रणाली का विकास कर मानव शरीर को समुचित पोषण प्राप्त कराने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। आहार से ही शरीर उत्पन्न होता है और सभी रोग भी आहार के दोष से ही होते हैं,

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है?
हर साल 7 जून को विश्वभर में ‘विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस’ यानी की ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ मनाया जाता है। इसे मनाने की एक मात्र यही वजह है कि लोगों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, जो खराब खाने का सेवन करने की वजह से गंभीर रोगों से ग्रस्त हो जाते हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम की स्थापना 1961 में हुई। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य विभिन्न खाद्य जनित जोखिमों और इसके रोकथाम के उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही, इस दिन एक अभियान जागरूकता भी चलाया जाता है कि किस प्रकार खाद्य सुरक्षा हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है, जो जीवन के विभिन्न अन्य महत्वपूर्ण कारकों जैसे मानव स्वास्थ्य, आर्थिक विकास और कई अन्य से संबंधित है। इसके अलावा, इस दिन निश्चित रूप से खाद्य सुरक्षा और कृषि, सतत विकास और बाजार पहुंच जैसे अन्य तत्वों के बीच एक संबंध भी सुनिश्चित किया जाता है।

प्रतिदिन लोग कई सारे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। खाद्य सुरक्षा द्वारा यह तय किया जाता है कि खाद्य पदार्थ को खाने से पहले उसके उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण, तैयारी तक खाद्य शृंखला का हर चरण लोगों की सेहत के लिहाज से सुरक्षित हो। इसी उद्देश्य के साथ प्रतिवर्ष लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा यह निर्धारित करती है कि धरती पर रहने वाले हर व्यक्ति को अच्छा आहार मिले ताकि किसी की सेहत प्रभावित न हो, सभी स्वस्थ जीवन जी सकें। आज भी कई सारे देशों में लोगों को ऐसा भोजन मिलता है जिसकी गुणवत्ता का कोई स्तर नहीं होता है। यह आहार लोगों को बीमार करता है जो कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।

प्रथम विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस कब मनाया गया?
विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) संयुक्त राष्ट्र संघ की 1945 में खाद्य एवं कृषि संगठन के स्थापना दिवस 16 अक्टूबर के सम्मान में विश्वभर में प्रतिवर्ष मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दूषित खाद्य या बैक्टीरिया युक्त खाद्य से हर साल 10 में से एक व्यक्ति बीमार होता है। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2021 का विषय “स्वस्थ कल के लिए आज का सुरक्षित भोजन” है। इस वर्ष का विषय भोजन की गुणवत्ता पर जोर देता है। यदि आज हम अच्छा भोजन आहार के रूप में लेंगे तो हमारा कल भी बेहतर होगा, हम स्वस्थ रहेंगे। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस का यह तीसरा वर्ष है |

डब्ल्यूएफपी क्या है?
लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में परिवर्तन: डब्ल्यूएफपी भारत की स्वयं की सब्सिडी वाली खाद्य वितरण प्रणाली की दक्षता, जवाबदेही एवं पारदर्शिता को बेहतर बनाने हेतु कार्यरत है, जिससे देश भर में लगभग 800 मिलियन गरीब लोगों को गेहूँ, चावल, चीनी एवं मिट्टी के तेल की आपूर्ति होती है। इसका पूरा नाम विश्‍व खाद्य कार्यक्रम (डब्‍ल्‍यूएफपी) है।

आदर्श योग आध्यात्मिक योग केंद्र स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड़ भोपाल के संचालक योग गुरु महेश अग्रवाल कई वर्षो से निःशुल्क योग प्रशिक्षण के द्वारा लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखा रहें है वर्तमान में भी ऑनलाइन माध्यम से यह क्रम अनवरत चल रहा है | योग प्रशिक्षण के दौरान केंद्र पर योग साधकों को आहार को कैसे ग्रहण करना कब करना कितनी मात्रा कैसे उसको सुरक्षित रखना सही गुणवत्ता एवं पोषक तत्वों के बारे में भी जागरूक किया जाता हैं |