जबलपुर : ड्राइव-इन-वेक्सीनेशन के अंतर्गत 18-45 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू

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जबलपुर। विधयक विनय सक्सेना की पहल पर शहर में ड्राइव-इन-वेक्सीनेशन के अंतर्गत 18-45 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू किया गया है। इसमें ड्राइव-इन में दो पहिया वाहनों को भी अनुमति दी गई है। ड्राइव-इन टीकाकरण कार्यक्रम के दूसरे दिन 18-45 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण शुरू किया। इसमें अपनी कार में बैठकर आने वाले लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

रविवार को सांसद राकेश सिंह की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति की वर्चुअल मीटिंग में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिये प्रशासन द्वारा किये जा रहे उपायो पर संतोष व्यक्त करते हुये जनता कोरोना कर्फ्यू की अवधि बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई थी । इस बैठक से विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, विनय सक्सेना एवं संजय यादव, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, जिला पंचायत सीईओ रिजु बाफना, अपर कलेक्टर राजेश बाथम, सीएमएचओ डॉ रत्नेश कुररिया एवं श्री शशिकांत सोनी भी जुड़े थे ।

आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में कोरोना वेक्सीन का दूसरा डोज लगाने के नये प्रोटोकॉल को भी स्पष्ट करने का सुझाव दिया गया ताकि आम जनता में इसको लेकर भ्रम की स्थिति न बनी रहे । बैठक से जुड़े सीएमएचओ डॉ रत्नेश कुररिया ने बताया कि कोरोना वेक्सीन कोविशील्ड की दूसरी डोज अब पहली डोज लगाने के 84 दिन बाद लगाई जायेगी ।

इस बारे में शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त हो गये हैं । बैठक में कोरोना के टीके लगाने के कार्य को गति देने ड्राइव-इन-वेक्सीनेशन पर जोर दिया गया । सदस्यों ने कहा कि ड्राइव-इन-वेक्सिनेशन के लिये बड़े खुले परिसरों एवं रानीताल स्टेडियम सहित शहर में स्थित सभी इंडोर स्टेडियम को चिन्हित किया जा सकता है ।

शहर में बनाये गये कोविड केयर सेंटरों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिये कोरोना मरीजों के उपचार के लिये तय की गई स्टेप डाउन की नीति को जबलपुर में भी लागू करने की बात भी बैठक में कही गई ताकि निजी एवं शासकीय अस्पतालों में भर्ती ऐसे मरीजों को जिन्हें अब आईसीसीयू या ऑक्सीजन बेड की आवश्यकता नहीं है, उनकी कोविड केयर सेंटर में रखकर देखभाल की जा सके । इससे सबसे बड़ा फायदा निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को होगा । अस्पताल के भारी खर्च से वे बच सकेंगे ।

वर्चुअल मीटिंग में जिला आपदा प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों ने कोरोना की रोकथाम के लिये जिले में किये जा रहे प्रयासों की सराहना की । सदस्यों ने कहा कि आम जनता, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के इन सयुंक्त प्रयासों का ही नतीजा है कि जबलपुर जिले में संक्रमण पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सका है ।

सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये किये गये प्रयासों की खासतौर पर तारीफ की । सदस्यों ने कहा कि इनके फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र में शहर की अपेक्षा कहीं अच्छे परिणाम देखने मिले है और संक्रमण की दर भी शहर की तुलना में कम है । सदस्यों ने आशा व्यक्त की एकजुट होकर किये जा रहे इन प्रयासों से जल्दी ही कोरोना को रोकने में सफलता मिलेगी और जिले को संक्रमण से मुक्त किया जा सकेगा ।