आप भी करते हैं ऑटो-डेबिट भुगतान? 1 अक्टूबर से आ रहा यह नया नियम

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अगर आप भी ऑटो-डेबिट पेमेंट के लिए अपने डेबिट, क्रेडिट या मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को 5,000 रुपये से ऊपर के ऑटो-डेबिट भुगतान पर ग्राहकों से अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन देने के लिए कहना होगा। नया नियम 1 अक्टूबर से सभी बैंकों के लिए लागू कर दिया जाएगा। आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या है अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियम?
ऑटो-डेबिट के लिए करना होगा अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन- अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियम के तहत 1 अक्टूबर, 2021 से बैंकों को ऑटो-डेबिट भुगतान काटे जाने से कम से कम 24 घंटे पहले ग्राहक को एक नोटिफिकेशन भेजनी पड़ेगी और ग्राहक के द्वारा कन्फर्म करने के बाद ही डेबिट करने की अनुमति दी जाएगी। ये नोटिफिकेशन SMS और ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी, जिसमें व्यापारी के नाम, लेनदेन राशि, डेबिट होने की तारीख और समय, लेनदेन की रेफरेंस नंबर आदि की जानकारी होगी।

कौन से भुगतान होंगे प्रभावित?
यह नया नियम उन उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करेगा जिन्होंने अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड या मोबाइल वॉलेट से भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट सिस्टम को चुना है। जैसे कि नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम जैसे OTT प्लेटफॉर्म की सदस्यता, मोबाइल बिल, बीमा प्रीमियम आदि का ऑटोमैटिक भुगतान होना।

इन भुगतानों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
5,000 रुपये से कम के भुगतान पर नहीं लागू नहीं होगा ऑटो-डेबिट का नया नियम -नया अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियम 5,000 रुपये से कम के भुगतान के लिए नहीं लागू नहीं होगा। वहीं, कार्डधारक अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियम से बाहर निकलने में सक्षम होंगे, लेकिन ऐसे में उन्हे डिफॉल्ट रूप से एनरोल किया जाएगा। इसके अलावा RBI का आदेश म्यूचुअल फंड SIPs, बीमा प्रीमियम और इस तरह के अन्य भुगतानों के लिए आपके बैंक खाते से जारी किए गए ऑटो-डेबिट अप्रूवल को प्रभावित नहीं करता है।

बढ़ाई गई है अनिवार्यता की समय सीमा
अतिरिक्त फैक्टर ऑथेंटिकेशन नियम को 1 अप्रैल, 2021 से लागू होना था, लेकिन HDFC बैंक, ICICI बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने मानदंड का पालन नहीं किया था, जिससे RBI ने इसे अनिवार्य रूप से लागू करने की तारीख छह महीने बढ़ा दी थी। इस तरह नया नियम अब 1 अक्टूबर, 2021 से लागू होगा। इसके अलावा UPI से भुगतान के लिए भी इस नियम को मार्च से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है।

लागू करने में देरी से होगी कड़ी कार्रवाई
पिछली बार प्रमुख बैंकों ने नियम का अनुपालन नहीं किया था। इसलिए RBI द्वारा जारी सर्कुलर में कड़े शब्दों में कहा गया है कि 30 सितंबर के बाद नए नियम को पूर्ण पालन करने में देरी होने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।