गौवंश के व्यवस्थापन एवं गौशालाओं के कार्य जनभागीदारी से करायें – स्वामी अखिलेश्वरानंद

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सतना @ म.प्र. गौपालन एवं पशुधन संवर्द्धन बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा स्वामी अखिलेश्वरानंद की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश्वरानंद ने कहा कि जिले में आवारा पशुओं की संख्या में उत्तरोत्तर वृद्वि हो रही है। इस के निदान हेतु गौवंश को शहर-गांव से दूर व्यवस्थापन करें। गौवंश के व्यवस्थापन एवं गौशालाओं के विस्तार हेतु जनभागीदारी एवं मनरेगा से कार्य कराकर बनवाई जायें।

बैठक में गौपालन एवं पशुधन संवर्द्धन बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया शीघ्र ही बसामन मामा में गौशाला का शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि चित्रकूट एवं मैहर में गौशाला निर्माण की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐरा प्रथा के समाधान में जनमानस को जुड़ना होगा तभी 2022 तक कृषि आय को दुगना करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गौवंश के संरक्षण व सेवा हेतु आगे आकर मदद करें व गौशालाओं को समृद्धशाली व आत्मनिर्भर बनायें। बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी ने कहा कि सतना जिले में पवित्रता व गौमाताओं के संरक्षण के उद्देश्य से जिले में गौशाला की स्थापना की गयी थी, इन्हीं के आशिर्वाद से ही सतना जिले में विकास के कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा संतुष्टि गौशाला की स्थापना से हुई है। सभी लोग इस पुनीत कार्य में भागीदार बने तथा ऐरा प्रथा को रोकने हेतु समवेत हों ताकि खेती लाभ का धंधा बन सके क्योंकि ऐरा प्रथा इसमें बाधा बनती है। उन्होने बसामन मामा मे बनाये जा रहे 35 एकड के भूखण्ड मे गौसंरक्षण केन्द्र बनाने की जानकारी भी दी।

बैठक में गौ-संवर्धन एवं गिरि पशुपालन बोर्ड के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानन्द ने कहा कि प्रदेश शासन गौवंश के संरक्षण के लिये कृत संकल्पित है। प्रदेश में बनाये जा रहे पांच गौ अभ्यारण में से एक विन्ध्य में भी बनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि संवेदनशील मुख्यमंत्री के समक्ष विन्ध्य में गौ वन्यविहार की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा जायेगा ताकि बेसहारा गौवंश का संरक्षण हो। उन्होंने कहा कि गौशालाएं आत्मनिर्भर बने इस हेतु लगातार प्रयास हो रहे हैं। स्वामी जी ने कहा कि गौशालाओं में 40 प्रतिशत दुधारू गौवंश रखकर गौशालाएं स्वावलंबी बन सकती है। उन्होंने समाज से गौशाला संचालन हेतु आगे आने का आहवान किया। बैठक में उपस्थित विभिन्न गौ सेवा समितियों के सदस्यों के सुझाव भी लिये गये। बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा डा. राजेश मिश्रा ने बताया कि जिले में 893649 गौवंशीय, 202174 भैस वंशीय एवं 227763 बकरी वंशीय पशु है जिसमें से 130000 ऐरा गौवशीय पशु है।

बैठक में अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे, बोर्ड के सदस्य लखन केशरवानी, अशोक केशरवानी, त्रिलोकीनाथ केशरवानी, गौ सेवा समितियों के सदस्य लक्ष्मीकांत द्विवेदी शालीग्राम मुकुन्दपुर, साध्वी विमला संत मझगंवा, राम रहीम पटेल मझगंवा, रामकुशल पाण्डेय सोहावल, हनुमानदास रहिकवारा, डा. सनत कुमार गौतम चित्रकूट, रविशंकर पाठक, रूपकुमार उचेहरा, राजकुमार गुप्ता, अभिषेक जैन, रामजी गुप्ता, इंजी. रमेश जैन, सागर गुप्ता, डॉ जे.के.गुप्ता, सहायक संचालक डॉ महेन्द्र वर्मा, डॉ अंकिता जैन, डॉ तन्मय, डा. वंदना जैन तथा जिले की 15 गौशाला समितियो के प्रबंधक और प्रतिनिधियो ने भाग लिया। गौ संर्वद्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी और बोर्ड के सदस्य लखनलाल केशरवानी शनिवार को चित्रकूट की गौशालाओ का भ्रमण करेगें।