जबलपुर : दवा विक्रेताओं के साथ बैठक में सीएमएचओ ने कहा – दस रूपये से अधिक कीमत पर न बेचें मास्क

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कोरोना वायरस की रोकथाम के प्रयासों में दवा विक्रेता भी बनेंगे प्रशासन के सहभागी

जबलपुर, कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों में दवा विक्रेता भी सहभागिता निभायेंगे । जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष मिश्रा की अध्यक्षता में आज रविवार को संपन्न हुई बैठक में दवा विक्रेताओं ने आम नागरिकों को मास्क एवं हैंड सेनिटाइजर की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित कराने का भरोसा भी प्रशासन को दिया है ।  विक्टोरिया अस्पताल में आयोजित की गई इस बैठक में जबलपुर केमिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर भठीजा एवं सचिव चन्द्रेश जैन भी मौजूद थे ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिश्रा ने बैठक में नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दवा विक्रेताओं को दी । उन्होंने दवा के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से मास्क और हैंड सेनिटाइजर की कालाबाजारी रोकने में प्रशासन का सहयोग का आग्रह किया । डॉ. मिश्रा ने कहा कि केन्द्र शासन ने कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए मास्क और हैंड सेनिटाइजर को अत्यावश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल कर लिया है । यदि कोई विक्रेता या मेडिकल स्टोर्स इनकी कालाबाजारी करता पाया जायेगा तो उस पर अधिनियम के प्रावधानों के दांडिक कार्यवाही की जायेगी ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मेडिकल स्टोर्स संचालकों को सूती कपड़े से बने मास्क दस रूपये से अधिक कीमत पर न बेचने के निर्देश भी दिये हैं । उन्होंने कहा कि दस रूपये से अधिक कीमत पर मास्क का विक्रय किया गया तो प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जायेगी । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिश्रा ने कहा कि दवा विक्रेता अपनी दुकानों पर केन्द्रीय जेल जबलपुर के बंदियों द्वारा बनाये जा रहे सूती कपड़े के मास्क आम नागरिकों को विक्रय हेतु रख सकते हैं। साधारण सूती कपड़े से बना मास्क ही पहनना है

बिना मैन्युफैक्चरिंग लायसेंस के हैंड सेनिटाइजर का क्रय- विक्रय करने पर होगी कार्यवाही

बैठक में दवा विक्रेताओं एवं मेडिकल स्टोर्स के संचालकों को सूती कपड़े से बने मास्क का विक्रय करने के साथ-साथ मास्क के उपयोग के बारे में लोगों को जानकारी देने का अनुरोध भी किया गया । दवा विक्रेताओं से कहा गया कि वे मेडिकल स्टोर्स पर आने वाले लोगों को बतायें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एन-95 अथवा सर्जिकल मास्क की आवश्यकता नहीं है। साधारण सूती कपड़े से बना मास्क ही पहनना इसके लिए काफी है । दवा विक्रेताओं को अपनी दुकानों पर कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण और उससे बचने एवं रोकथाम के उपायों का प्रचार-प्रसार से संबंधित पोस्टर-बैनर भी लगाने के निर्देश दिये गये हैं । इसके साथ ही दवा विक्रेताओं को बिना मैन्युफैक्चरिंग लायसेंस के हैंड सेनिटाइजर का क्रय- विक्रय करने पर कार्यवाही की चेतावनी भी बैठक में दी गई ।

बैठक में थोक एवं फुटकर दवा विक्रेताओं के संगठन जबलपुर केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों में सक्रिय सहभागिता और सहयोग का भरोसा दिया । एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक पर कपड़े के मास्क का विक्रय करने वाले अथवा हैंड सेनिटाइजर की कालाबाजारी करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्यवाही का एसोसिएशन समर्थन करेगा । बैठक में जबलपुर केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव चन्द्रेश जैन ने बताया कि एसोसिएशन द्वारा आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रेरणा से विजय नगर में स्थापित श्रमदान पावरलूम में भी सूती कपड़े के मास्क बनवाये जा रहे हैं।