जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिले में ओवरलोडिंग पर प्रतिबंध

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गुना @ जिला दण्डाधिकारी राजेश जैन ने उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर द्वारा भारी वाहनों के माध्यम से ओव्हरलोड कर अवैध रूप से रेत पत्थर, आदि खनिज परिवहन करने एवं खनिज के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने के संबंध में पारित आदेश को दृष्टिगत रखते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

इस आदेश के मुताबिक जिले के समस्त खनिज ठेकेदारों, आम जनता तथा सभी सम्बद्ध व्यक्तियों को सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण भसीन एवं अन्य विरूद्ध यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य डब्ल्यूपी (सिविल) के संबंध में पारित निर्णय का पालन करना होगा तथा ओव्हर लोडिंग बंद करनी होगी। इन सबको उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर के पारित आदेश 24 जुलाई 2006 का भी पालन करना होगा।जिला दण्डाधिकारी के आदेश के मुताबिक गुना जिले की सीमा में दस चक्का ट्रक, हाईवा एवं डम्पर के माध्यम से खनिज का परिवहन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। यहां यह स्पष्ट किया गया है कि छः चक्का ट्रक से रेत का अधिकतम 5.22 घ.मी. एवं गिट्टी का अधिकतम 5.49 घ.मी. तक परिवहन अधिकृत ठेकेदार कर सकेंगे। यह सीमा जैसे कि मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों की पासिंग के समय अनुमति दी जाती है।उल्लेखनीय है कि पृथक-पृथक विभागों की सड़कों की भार क्षमता पृथक-पृथक है। इस हेतु सर्वसंबंधित विभागों को आदेशित किया गया है कि वे उनकी सड़कों के प्रारंभ एवं अंत में दोनों ओर वाहनों को अधिकतम भार क्षमता का बोर्ड लगवाएं एवं ओव्हरलोड वाहनों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु निगरानी दस्ता नियुक्त करें।आदेश में सर्वसाधारण की जानकारी के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले, ठीक से पालन न करने वाले, अपालन कर दुष्प्रेरण करने वाले व्यक्तियों एवं पालन कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी भी पालन न कराने पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एवं तत्समय अन्य विधियों के अंतर्गत दोषी होंगे तथा गिरफ्तारी एवं निर्धारित कारावास के दण्डनीय अपराध के दायी होंगे। जिला दण्डाधिकारी का उक्त आदेश गुना जिले के लिए तत्काल प्रभावशील हो गया है।