राजस्व वसूली के प्रकरणों में जिला प्रशासन अब सख्त

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रतलाम @ शासन की राजस्व वसूली के प्रकरणों में जिला प्रशासन अब सख्त रूख अपनाने जा रहा है। आज अपरान्ह जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल ने निर्देश दिये कि राजस्व वसूली हेतु बड़े बकायादारों के विरूद्ध अभियान चलाकर डायवर्सन शुल्क वसूल किया जाये। उन्होने निर्देश दिये कि ऐसे समस्त बकायादार जिनके विरूद्ध रूपये 25 हजार से अधिक का डायवर्सन शुल्क बकाया है एवं उन्हें मांग पत्र तामील कराया जा चुका है परन्तु उनके द्वारा डायवर्सन शुल्क जमा नहीं कराया जा रहा है, उनकी सम्पत्ति कुर्क की जाकर राजस्व वसूली की जाये।

बैठक में एडीएम डॉ. कैलाश बुन्देला, एसडीएम आलोट वीरसिंह चैहान, एसडीएम सैलाना अनिल भाना, एसडीएम सिराली जैन, जिले के समस्त तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित राजस्व अमला मौजूद था। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि सीमाकंन के समस्त आवेदन अब तहसीलदार या संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा न लिये जाकर लोक सेवा केन्द्र अथवा एम.पी.ऑनलाईन कियोस्क के माध्यम से ही लिये जायेगे। अगर एक माह की निर्धारित समयावधि के भीतर संबंधित प्रकरण में सीमांकन की कार्यवाही नहीं होती हैं तो एक सप्ताह के अंदर शिकायत प्राप्त होने पर रूपये 25 हजार का अर्थदण्ड संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों के विरूद्ध अधिरोपित किया जायेगा जिसमें से 70 प्रतिशत राशि की वसूली संबंधित राजस्व निरीक्षक तथा शेष राशि की वसूली संबंधित एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार से की जायेगी।

आवेदन के साथ आवेदक को खसरा नकल, खाता नकल, नक्षा ट्रेस एवं नियमानुसार चालान प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा। उन्होने निर्देश दिये कि सीमांकन के प्रकरण लोक सेवा ग्यारंटी अधिनियम के तहत संबंधित तहसीलदार द्वारा आर.सी.एम.एस. (रेवेन्यू कैश मैंनेजमेंट सिस्टम) में दर्ज किये जाये एवं यह कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर ली जाये। सीमांकन की प्रक्रिया ई.टी.एस. मशीन द्वारा संबंधित भू-अभिलेख कार्यालय द्वारा ही की जायेगी तथा पूर्व प्रचलित जरीब प्रक्रिया द्वारा सीमांकन पद्धति अब समाप्त होगी।

कलेक्टर  सुन्द्रियाल ने कहा कि 15 अक्टूबर से 15 नवम्बर के बीच सीमांकन के प्रकरणों का अत्याधिक दबाव रहेगा। अतः उसके पूर्व समस्त प्रारम्भिक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाये। उन्होने राजस्व प्रकरणों में शिथिलता बरतने पर राजस्व निरीक्षक सलीम मंसूरी को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये जाने के निर्देश दिये। उनके विरूद्धअनियमितताओं संबंधी शिकायतों के अतिरिक्त सीमांकन हेतु आर.सी.एम.एस. के समस्त प्रकरण भू-अभिलेख में दर्ज नहीं किये जाने के प्रकरण कलेक्टर के संज्ञान में आये थे। जिस पर उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए उक्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये। इसी प्रकार भावान्तर योजना के तहत कृषकों का पंजीयन लक्ष्यानुसार नहीं होने पर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए जिला खाद्य अधिकारी तथा खाद्य निरीक्षक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने के निर्देश एडीएम डॉ. बुन्देला को दिये।