समा द्वारा पिछले दो माह में छोटे-मोटे विवादों के 338 प्रकरणों में करायी गयी ऑन लाईन मध्यस्थता

शेयर करें:

जबलपुर। पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में 12-7-21 को दोपहर 12 बजे पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) की उपस्थिति में (एम.पी.एस.एल.एस.ए.) ऑनलाईन विवाद समाधान पायलेट परियोजना का प्रशिक्षण थानों में संचालित उर्जा महिला हैल्प डेस्क प्रभारियों को समा के तकनीकी सहयोग से कराया गया था ।

देश में इस तरह की है पहली पहल

पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) द्वारा बताया गया था कि समा के तकनीकी सहयोग से मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एम.पी.एस.एल.एस.ए.) एक पायलेट प्रोजेक्ट का संचालन करेगा जहॉ उर्जा डेस्क (महिला हैल्प लाईन डेस्क) के द्वारा प्राप्त मामलों को ऑन लाईन मध्यस्तता के द्वारा सुलझाया जायेगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑन लाईन है, इसलिये दोनों पक्षों को घर रहते पूरी सुविधा रहेगी। यह भारत में इस तरह की पहली पहल है, और यह जनता के लिये न्याय तक पहुंच में सुधार करने में काफी मदद करेगी।

क्या है समा परियोजना

उल्लेखनीय है कि समा, एक ऑन लाईन विवाद समाधान मंच, भारत सरकार के कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस परियोजना को शुरू करने के लिये भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर जैसे कुछ जिलों को ही चिन्हित किया गया हैै। आज पुनः पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा भा.पु.से. के मार्गदर्शन, में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/ अपराध श्री गोपाल खाण्डेल के कुशल नेतृत्व मे संचालित समा पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 12 थानो के उर्जा डैस्क प्रभारियो एवं लिंक अंघिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक महिला प्रकोष्ट पूजा पाण्डे, एवं विधिक सेवा प्राधिकरण की अंकिता रावत तथा महिला प्रकेाष्ठ जबलपुर निरीक्षक प्रीति तिवारी , द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

338 प्रकरणों में ऑन लाईन करायी गई मध्यस्था

उल्लेखनीय है कि माह जुलाई से संचालित समा पायलेट प्रोजेक्ट मे अब तक परिवारिक विवादो, भरण पोषण एवं पडोसियों के छोटे विवाद आदि सम्बंधी 338 प्रकरणों केा विधिक सेवा प्राधिकरण की माध्यम से नियुक्त काउंसलरों द्वारा निराकरण ऑन लाईन के माध्यम से मध्यस्था करायी गयी है। काउंसलर शिकायतकर्ता के फोन नम्बर के माध्यम बातचीत करते हुये सुलह का प्रयास करते है जिसके सकारात्मक परिणाम आ रहे है।