अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21जून : रोग एक अनुभव है, वह मन के स्तर पर भी हो सकता है अथवा शरीर के स्तर पर भी – योग गुरू महेश अग्रवाल

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विश्व योग दिवस के अवसर पर योग गुरू महेश अग्रवाल ने बताया कि रोग एक अनुभव है, वह मन के स्तर पर भी हो सकता है अथवा शरीर के स्तर पर भी। सिरदर्द, सर्दी, खाँसी, क्षयरोग, कैंसर या अन्य कोई रोग केवल एक अनुभव ही हैं। यहाँ तक कि भयंकर घातक रोग भी एक अनुभव से अधिक और क्या हो सकता है? तुम अपने बगीचे में बैठकर घास काटते हो। कुछ दिनों बाद घास फिर से बढ़ जाती है, क्योंकि उनके बीज तो वहाँ पड़े होते हैं।

इसी भाँति इस जीवन के अनुभव प्रतीकात्मक रूप से मनुष्य की चेतना में विद्यमान रहते हैं। ये अनुभव जीवन में घटनाओं, क्रियाकलापों, बीमारियों, स्वप्नों, चित्रों, विचारों और कभी-कभी पागलपन के रूप में बाहर आते हैं। इन संस्कारों या आदि-रूपों को ऊपरी सतह पर लाने के लिए अगर हमें कोई रास्ता मिल जाये, तो जीवन की बहुत सी समस्याओं, भयों और कुंठाओं को रातों-रात समूल नष्ट किया जा सकता है। कुछ निश्चित योगाभ्यास, खासकर योगनिद्रा से यह अनुभव बिल्कुल संभव है।

योग गुरु अग्रवाल ने बताया कि सप्तम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21जून के अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से सभी सम्मानीय गुरूजी, योग साधक, प्रकृति प्रेमी, सामाजिक संस्थाओ , व्यापार संगठनों , रहवासी समितियों , खेलकूद संगठनों के, सेवा कार्य में लगे सभी संगठनों के पदाधिकारी गण एवं स्कूलों के बच्चों को सादर आमंत्रित किया गया एवं सभी का सम्मान किया गया एवं योग रत्न के सम्मान के साथ सभी सहभागी साधकों को प्रमाणपत्र डिजिटल माध्यम से दिया जायेगा | योगाचार्य डॉ फूलचंद जैन योगीराज जी का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ |

आदर्श योग आध्यात्मिक केंद्र स्वर्ण जयंती पार्क कोलार रोड़ भोपाल के संचालक योग गुरु महेश अग्रवाल कई वर्षो से निःशुल्क योग प्रशिक्षण के द्वारा लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की कला सीखा रहें है वर्तमान में भी ऑनलाइन माध्यम से यह क्रम अनवरत चल रहा है।