आपदा प्रबंधन टीम ने गोई के बेक वाटर में किया पशुओं को बचाने का रिहर्सल

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बड़वानी @ एसडीईआरएफ की टीम ने मंगलवार की शाम को ग्राम सौन्दुल के किनारे गोई नदी में चढ़ रहे नर्मदा के बेक वाटर में पशुओं को किस प्रकार हॉका कर किनारे लाया जायेगा, इसकी रिहर्सल की। एसडीईआरएफ के प्लाटून कमाण्डर एमबी तोमर ने बताया कि डूबते हुये आदमियो एवं पशुओं को बचाने की तकनीक अलग-अलग होती है। जहॉ हम डूबते हुये आदमियों को बचाने के लिये समुचित संसाधन जैसे लाईफ जैकेट, रबर बोट, हवा भरी ट्यूब रिंग का सहारा लेते हुये सीधे बचाने की कार्रवाई करते है। वही पशुओं को बचाने के लिये हॉका पद्धति का इस्तेमाल करते है। इसके तहत पशुओं को तीन तरफ से घेर कर मजबूर किया जाता है कि वह हमारी बताई गई दिशा की तरफ तैरे जिससे किनारे पर पहुंचकर पानी से बाहर निकल सके।