जल्द देख सकेंगे अदालती कार्रवाई का सीधा प्रसारण, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

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देश की शीर्ष अदालत ने आज एक और बड़ा फ़ैसला अदालत की कार्यवाही के सीधे प्रसारण को लेकर लिया। पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला किया है कि अब लोग जल्दी ही अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। इसकी शुरुआत खुद सुप्रीम कोर्ट अपनी कार्यवाही के सीधे प्रसारण से करेगा।

जल्द ही आप देश भर की अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण देख सकेंगे । सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण एवं वीडियो रिकॉर्डिंग करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस पर सहमति का अपना फैसला सुनाया। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने कहा – अदालती कार्यवाही का सीधा प्रसारण ”जनता का जानने का अधिकार” पूर होगा और यह न्यायिक कार्यवाही में पहले से अधिक पारदर्शिता लायेगा। पीठ ने कहा कि वह जनता के अधिकारों में संतुलन बनाने और वादकारियों की गरिमा की रक्षा के लिये शीघ्र ही आवश्यक नियम तैयार करेगी। पीठ ने कहा, ”कीटाणुओं के नाश के लिये सूरज की रोशनी बेहतरीन है।”

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति खानविलकर ने इस संबंध में एक फैसला सुनाया जबकि न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ ने सहमति व्यक्त करते हुये अलग फैसला सुनाया। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि सीधा प्रसारण सेवा की शुरुआत वह अपने यहां से करेगा। हालांकि इसके लिए कुछ नियमों को पालन करना होगा।

न्यायिक कार्यवाही के सीधे प्रसारण और इसकी वीडियो रिकार्डिंग के लिये कानून की छात्रा स्नेहिल त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दिरा जयसिंह तथा गैर सरकारी संगठन ‘सेन्टर फार अकाउण्टेबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेन्ज’ ने याचिका दायर की थी ।

24 अगस्त को पीठ ने इस पर अअपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि वह अदालतों में बढ़ती भीड़ कम करने के लिए ‘खुले कोर्ट’ की व्यवस्था लागू करना चाहता है। याचिका में कहा गया था कि सभी महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग हो और उसे लाइव दिखाया जाए। अगर लाइव दिखाना संभव ना हो तो यू-ट्यूब पर वीडियो को बाद में अपलोड किया जाए।