पीएम ने दिखाई दुनिया के पहले डीज़ल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव इंजन को हरी झंडी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की यात्रा पर मंगलवार को सबसे पहले डीरेका पहुंचे. उन्होंने वहां डीजल रेल इंजन फैक्ट्री में लोको कार्यशाला का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने एक कन्वर्जन लोको निर्माण पर प्रदर्शिनी का अवलोकन किया.

वाराणसी स्थित रेल डीज़ल इंजन कारखाना डीजल इंजन का उत्पादन करता रहा है लेकिन पहली बार मेक इन इंडिया के तहत डीज़ल इंजन को विद्युत इंजन में बदला गया है. प्रधानमंत्री ने पहले इस तरह के इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. प्रधानमंत्री ने डीज़ल से विद्युत इंजन में बदलने वाली टीम से भी मुलाक़ात की. इस आगाज से भविष्य में डीज़ल इंजनों की उपयोगिता सुनिश्चित होगी.

दरअसल ईंधन बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मौजूदा केंद्र सरकार तेज़ी से रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण कर रही है, ऐसे में अभी तक इन लाइनों पर इस्तेमाल होने वाले डीज़ल इंजन उपयोग से हटेंगे. लेकिन नई शुरुआत की बदौलत ऐसे इंजनों की उपयोगिता बरकरार रहेगी. प्रधानमंत्री ने रेल इंजन फैक्ट्री में दिव्यांगों से भी मुलाक़ात की और उनसे बातचीत की.