डायक्लोफेनिक दवा का उपयोग पशुओं पर प्रतिबंधित

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भोपाल @ पशु उपयोग पर आने वाली डायक्लोफेनिक दवा पर भारत सरकार ने वर्ष 2006 से प्रतिबंध लगा दिया है। इस दवा से उपचारित पशु को खाने से गिद्ध प्रजाति के पक्षियों की मौत हो जाती है। भारत में लगभग 99 प्रतिशत गिद्ध मारे जा चुके हैं।

दुर्भाग्यवश अभी भी मानव उपयोग आने वाली डाइक्लोफेनिक दवा बाजार में आसानी से उपलब्ध है। कुछ अप्रशिक्षित व झोलाछाप डाक्टर जानकारी के अभाव में अभी भी मानव उपयोग में आने वाली डाइक्लोफेनिक दवा को पशु उपचार में उपयोग कर रहे है, जो गिद्धों के लिये उतनी ही हानिकारक है। गिद्ध पक्षी, पशुओं के मरे-सड़े शवों को खाकर पर्यावरण को साफ रखते हैं।

पशु चिकित्सा विभाग ने अधिकारियों, सहायकों से इस संबंध में बनाये गये कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने, गिद्ध संरक्षण में कार्य कर रही बी.एन.एच.एस. की टीम को पूर्ण सहयोग देने और आमजनों को जागरूक करने का आग्रह किया गया है।