मधुमेह ( डायबिटीज )

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डायबिटीज (शुगर) एक ऐसा रोग है जिसमें रक्त में मौजूद शुगर या ग्लूकोस का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। खाना खाने से हमें ग्लूकोस मिलता है और इन्सुलिन नामक हॉर्मोन इस ग्लूकोस को शरीर की कोशिकाओं में जाने में मदद करता है ताकि उन्हें ताकत मिल सके।

डायबिटीज के सबसे सामान्य लक्षण होते हैं बार-बार पेशाब आना, तेज प्यास व भूख लगना, वजन बढ़ना या असामान्य कम होना, थकान, कट या घाव लगने पर उनका जल्दी ठीक न हो पाना, पुरुषों में यौन संबंधी समस्याएं और हाथ-पैर में गुदगुदी महसूस होना या उनका सुन्न होना।

समय के साथ-साथ खून में बहुत ज्यादा ग्लूकोस होने के कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इससे आपकी आंखों, किडनी और नसों को नुकसान हो सकता है। शुगर के कारण हृदय संबंधी समस्याएं और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं तो हो ही सकती हैं, यहां तक कि इसके कारण आपका कोई हाथ या पैर निकालने की आवश्यकता भी हो पड़ है।

गर्भवती महिलाओं को भी डायबिटीज हो सकती है। इसका पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है। A1C नामक एक टेस्ट होता है, जिससे ये पता चलता है कि आप अपनी शुगर को कितनी अच्छी तरह से नियंत्रित कर पा रहे हैं। व्यायाम करना, वजन पर नियंत्रण रखना और सही आहार लेना आपकी शुगर को नियंत्रित कर सकता है। आपको अपने ब्लड शुगर के स्तर का ध्यान रखना चाहिए और अगर डॉक्टर ने आपको दवाएं दी हैं, तो उन दवाओं को बताए गए तरीके से समय पर लेना चाहिए।

इन्सुलिन के अभाव में शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव

इंसुलिन एक हार्मोन है जो आपके शरीर में कार्बोहाइड्रेट और वसा के चयापचय को नियंत्रित करता है। बिना इंसुलिन के ग्लूकोज़ कोशिकाओ में प्रवेश नहीं कर सकता है और रक्त वाहिकाओं में एकत्रित हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति को वो शक्ति नहीं मिल पाती जो उसे चाहिए और व्यक्ति मधुमेह से ग्रस्त हो जाता है। इन्सुलिन के अभाव में कैसे हमारा शरीर कार्य करता है या हमारे शरीर में ग्लूकोज़ का चयापचय कैसे होता है।

कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा देने वाले भोजन के रूप में माना जाता है और हमारे भोजन के एक महत्वपूर्ण भाग में कार्बोहाइड्रेट होता है। हम जब कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, वो पेट में जाकर ऊर्जा में बदलता है जिसे ग्लूकोज़ कहते हैं। इस ऊर्जा को हमारे शरीर में मौजूद लाखों कोशिकाओं के अंदर पहुँचना होता है ताकि हमारी कोशिका ग्लूकोज को जला कर शरीर को उर्जा पहुँचाएं। ये काम तभी संभव है जब हमारे अग्न्याशय पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन उत्पन्न करें।

मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) के प्रकार

डायबिटीज के सबसे मुख्य प्रकार हैं टाइप 1, टाइप 2 और जेस्टेशनल डायबिटीज

टाइप 1 डायबिटीज

इसमें आपका शरीर इन्सुलिन नहीं बना पाता है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय में मौजूद उन कोशिकाओं को खत्म कर देती है जो इन्सुलिन बनाती हैं। टाइप 1 डायबिटीज की समस्या आमतौर पर बच्चों और युवाओं में देखी जाती है, हालांकि ये किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्ति को जीवित रहने के लिए रोजाना इन्सुलिन लेना पड़ता है।

टाइप 2 डायबिटीज 

टाइप 2 डायबिटीज में शरीर या तो इन्सुलिन बनाता नहीं है या उसका सही से उपयोग नहीं करता। डायबटीज का ये प्रकार किसी भी उम्र में हो सकता है, बचपन में भी। हालांकि, ये ज्यादातर मध्यम आयुवर्ग के लोगों या बूढ़े लोगों में देखी जाती है। डायबिटीज का ये प्रकार सबसे आम है।

जेस्टेशनल डायबिटीज

जेस्टेशनल डायबिटीज कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान होती है। ज्यादातर मामलों में, डिलीवरी के बाद ये डायबिटीज ठीक हो जाती है। हालांकि, जेस्टेशनल डायबिटीज होने के बाद आपको टाइप 2 डायबिटीज होने का ख़तरा बढ़ जाता है। कभी-कभी महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान टाइप 2 डायबिटीज भी हो जाती है।

शुगर (मधुमेह, डायबिटीज) के लक्षण – Diabetes Symptoms

टाइप 1 (आमतौर पर बच्चों और किशोरों में होने वाली डायबिटीज) और टाइप 2 (आमतौर पर वयस्कों में होने वाली डायबिटीज) डायबिटीज के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। डायबिटीज के किसी भी प्रकार के शुरूआती लक्षण खून और पेशाब में ग्लूकोस का स्तर बढ़ने से संबंधित होते हैं, जैसे:

  • शरीर में पानी की कमी
  • ज्यादा प्यास लगना
  • भूख लगना पहले से अधिक पेशाब आना

पानी की कमी को दूर करने के उपाय इसके अन्य लक्षण हैं:

  • वजन बढ़ना या कम होना
  • घाव, छाले या कट जल्दी ठीक न हो पाना
  • थकान
  • त्वचा में खुजली
  • मतली
  • मुंह सूखना
  • उल्टी
  • इन्फेक्शन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना
  • धुंधला दिखना

मधुमेह के दौरान आपका शरीर आमतौर पर निर्जलित हो जाता है। निर्जलीकरण में आपको बहुत प्यास लगती है। रक्त में अतिरिक्त शुगर की उपस्थिति के कारण गुर्दे रक्त को साफ करने के लिए अधिक काम करने लगते हैं और मूत्र के द्वारा अतिरिक्त शुगर को शरीर से बाहर निकालते हैं। इस कारण बार-बार पेशाब आता है। अत्यधिक प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना यह मधुमेह होने के प्रमुख लक्षण हैं।

कोशिकाओं में ग्लूकोज़ नही पहुंचने के कारण शरीर की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से नही हो पाती है और मधुमेह का रोगी हमेशा थकान महसूस करता है और उसे जल्दी भूख लगने लगती है। मधुमेह से पीड़ित दोनों पुरुषों और महिलाओं को हाथ और पैर की उंगलियों के बीच, गुप्तांगों के आसपास और स्तन के नीचे यीस्ट इन्फेक्शन हो सकता है। वज़न में कमी, मतली और उल्टी, बाल गिरना, धुँधली दृष्टि, त्वचा का सूखापन या खुजली होना मधुमेह के कुछ अन्य लक्षण हैं।

डॉक्टर के पास कब जाएँ

  1. डायबिटीज के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए अगर आपका ब्लड ग्लूकोस का स्तर डॉक्टर के द्वारा बताए गए स्तर से ज्यादा रहना।
  2. ब्लड ग्लूकोस का स्तर डॉक्टर द्वारा बताए गए स्तर से कम रहना।
  3. लो ब्लड शुगर के लक्षण महसूस करना, जैसे:
  •   पसीना आना
  •   उलझन
  •   बेचैनी व कमजोरी महसूस करना
  •   बेचैनी का इलाज
  •   धुंधला दिखना
  •   बहुत तेज भूख लगना और मतली महसूस करना
  •   चक्कर आना और सिरदर्द