दोबारा चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेलते दिखाई दे सकते धोनी

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पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेलते दिखाई दे सकते है। आईपीएल की संचालन परिषद ने धोनी के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स में लौटने का रास्ता साफ कर दिया है।

इंडियन प्रीमियर लीग के 11 वें संस्करण से पहले टीम मालिकों के लिए राहत की खबर आई है। बुधवार को आईपीएल की गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत सभी टीमें पिछले सीजन से अपने पांच खिलाड़ियों को रिटेन कर सकती है। इन पांच खिलाड़ियों में तीन भारतीय और दो विदेशी खिलाड़ी का होना जरुरी है।

गर्वनिंग काउंसिल के इस फैसले के बाद जिस टीम को सबसे अधिक राहत मिली है वह टीम चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की है। ये दोनों टीम स्पॉट फिक्सिंग के मामले में दो साल के लिए बैन थी। बैन हटने के बाद साल 2018 में ये टीमें आईपीएल में वापसी कर रही है। ऐसे में इन दोनों टीमों के पास मौका होगा कि वे अपने स्टार प्लेयर्स को रिटेन करे। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग्स टीम से खेल सकते हैं।

धोनी पिछले साल आईपीएल में राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स टीम के कप्तान के तौर पर खेले थे। टीम अपने तीन प्लेयर को रिटेन कर सकती है, जबकि बाकी दो प्लेयर में उसके पास राइट टू मैच का अधिकार होगा। राइट टू मैच के मुताबिक, अगर प्लेयर पर बोली लगती है तो वह ये कार्ड चलकर उस प्लेयर को बोली की राशि के साथ ही अपनी टीम में शामिल कर सकती है।

आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में सीओए के सदस्य भी शामिल हुए थे। संचालन परिषद ने आईपीएल टीमों के लिए अगले चरण से वेतन बजट को 66 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 80 करोड़ रुपये कर दिया है। 2019 के लिए इस राशी को बढ़ाकर 82 करोड़ रुपये और 2020 में 85 करोड़ रुपये किया गया है।

किसी भी टीम में अगर तीन खिलाड़ियों को रिटेन किया जाता है तो 1 प्लेयर को 15 करोड़ मिल सकेंगे, दूसरे प्लेयर को 11 करोड़ और तीसरे प्लेयर को 7 करोड़। हालाकी अगर दो प्लेयर्स को रिटेन किया जाता है तो पहले खिलाड़ी को 12.5 करोड़, दूसरे खिलाड़ी को 8.5 करोड़ मिल पाएंगे।

वही अगर एक ही खिलाड़ी को रिटेन किया जाता है तो उसे अधिकतम 12.5 करोड़ रुपए मिल सकते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाने वाले क्रिकेटरों के लिये आरक्षित मूल्य को 30 लाख रूपये से बढ़ाकर 40 लाख रूपये कर दिया गया है। ये सभी फैसले टीमों के बीच आम सहमति से लिये गये है।