पात्रता के बावजूद पेंशन का लाभ ना देना पिंडरई के तत्कालीन सचिव को पड़ा भारी

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कटनी @ बार-बार चेताने के बाद भी पात्रों को शासन की योजनाओं का लाभ ना देना अब लोकसेवकों पर भारी पड़ने वाला है। इसकी मिसाल साबित होता एक ऐसा आदेश कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने 15 सितंबर को जारी किया। जिसके तहत ढीमरखेड़ा विकासखण्ड के ग्राम पिंडरई में रहने वाली टन्टू बाई को पात्रता दिनांक से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन का लाभ तत्कालीन सचिव के वेतन से हितग्राही को देने के निर्देश दिये गये हैं। पूरे मामले के अनुसार कलेक्टर के फील्ड विजिट के दौरान विधवा पेंशन ना मिलने का आवेदन दिया गया था। जिसकी जांच कराते हुये पात्रता दिनांक से सचिव व जीआरएस के वेतन से पेंशन की राशि हितग्राही के खाते में डालने के निर्देश कलेक्टर ने दिये थे।

परीक्षण के बाद यह तथ्य सामने आया कि टन्टू बाई पति स्वर्गीय बाल गाविन्द लोधी को 12 दिसंबर 2006 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन की पात्रता थी। लेकिन उसे इसका लाभ नहीं दिया गया। उसे फरवरी 2017 से पेंशन दी गई। जिसे गंभीरता से लेते हुये कलेक्टर ने सीईओ जनपद ढीमरखेड़ा को तत्कालीन पिंडरई सचिव व जीआरएस के द्वारा 15 दिसंबर 2006 से लेकर जनवरी 2017 तक की पेंशन टन्टू बाई के खाते में जमा कराने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इसकी जानकारी कलेक्टर कार्यालय को देने की भी बात कही है।