अशोकनगर कृषि उपज मंडी में सौदा पत्रक से फसल बेचने की व्यवस्था पूरी तरह से अप्रभावी

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अशोकनगर। लॉकडाउन का पालन करने एवं सोशल डिस्टेंसिग को बनाये रखते हुये अशोकनगर कृषि उपज मंडी में सौदा पत्रक से फसल बेचने की व्यवस्था आज पूरी तरह से अप्रभावी होती नजर आई।

मंडी के सामने बाईपास रोड पर फसल से भरी ट्रॉलियों को रोके जाने से जाम की स्थिति बन गई है। वही शहर के प्रमुख द्वारों पर फसल से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ओ को रोक दिया गया है। किसानो की भीड़ बढ़ती देख पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँच गये है।

उल्लेखनीय है कि लॉक डाउन कि बन्दिशों में छूट देते हुए किसानों की फसल को बेचने के लिए किसान एवं व्यापारी के बीच सौदा पत्रक की व्यवस्था बनाई थी। जिसके तहत फसल को सीधे मंडी में लाने की वजह पहले किसान एवं व्यापारी के बीच उसके सैंपल के आधार पर भाव तय करके सौदा पत्र दिया जाता था।

जिन किसानों का सौदा पत्रक होता था मंडी में सिर्फ उन्हीं की फसल को प्रवेश दिया जा रहा था मगर आज हजारों ऐसे लोग ट्रेक्टर ट्रॉलियां लेकर अशोकनगर आ गए जिनके पास सौदा पत्रक नहीं था। इस कारण यह व्यवस्था चरमरा गई है।

सुबह से लगी ट्रैक्टर ट्रॉलियों की लाइन के कारण मंडी के सामने के रोड एवं बाईपास रोड पर जाम लग गया है। यातायात को बनाए रखने के लिए पुलिस ने शहर के प्रवेश द्वारों पर ट्रैक्टर ट्रॉली ओं को रोकना शुरू कर दिया मगर सबसे बड़ी परेशानी जो लोग शहर में आ चुके उनके कारण हो रही है इस जाम के कारण जिन किसानों के पास सौदा पत्रक है वह भी मंडी में प्रवेश नहीं कर पा रहे।

मंडी से जुड़े कर्मचारियों का कहना है की सौदा पत्रक के लिए भी प्रशासन ने नई व्यवस्था बनाई है। जिसके तहत किसानों को अपनी फसल का सैंपल लेकर मंडी नहीं आना पड़ेगा ।

व्यापारी एवं कर्मचारी गांव गांव जाकर फसल देखकर सौदा पत्रक किसानों को देंगे। जिन किसानों को सौदा पत्र दिया जाएगा सिर्फ उन्हीं की फसल तौली जाएगी। एक व्यापारी 1 दिन में 15 से ज्यादा किसानों की फसल नहीं खरीद पाएगा।