फूलन देवी की राह पर चलकर सांसद बनना चाहती थी डकैत चंदा गड़रिया

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शिवपुरी । पुलिस गिरफ्त में आई चंदन गड़रिया की प्रेमिका चंदा गड़रिया ने खुलासा किया है कि वह फूलनदेवी को अपना आदर्श मानती है और वह आगे आने वाले समय में फूलनदेवी के पदचिन्हों पर चलना चाहती थी। लेकिन अफसोस वह अपने सपनों को पूरा कर पाती इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गई। पुलिस ने चंदा गड़रिया से और पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद युसुफ कुरैशी ने जानकारी में बताया है कि पिछले माह ही इस गिरोह के मुखिया चंदन गड़रिया को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। लेकिन घना जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर चंदन गड़रिया की प्रेमिका चंदा गड़रिया अपने कुछ साथियों के साथ फरार हो गई थी। लेकिन देर रात पुलिस को मुखिबर के द्वारा सूचना मिली कि चंदा गड़रिया अपने कुछ साथियों के साथ अमोला के जंगल में ही छुपी हुई है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने जंगल की घेराबंदी करके चंदा गड़रिया और उसके एक साथी भौजा गड़रिया को भी धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से दो 315 बोर की बंदूक बरामद कर ली है।
चंदन का प्रेम खींच लाया बीहड़ों में
पुलिस की गिरफ्त में आई चंदा गड़रिया एक दूर के रिश्तें में चंदन गड़रिया की बहिन लगती थी। चंदा जिला दतिया के पास दिनारा गांव की रहने वाली थी। उसकी शादी भी चुकी थी, लेकिन वह शादी से पहले ही चंदन से प्रेम करती थी। बताया जा रहा है कि वह शादी के बाद अपने ससुर से काफी परेशान थी। ससुर से परेशान और चंदन का प्रेम कारण ही उसे बीहड़ों में खींच लाया। बताया जा रहा है कि वह एक साल पहले ही इस गिरोह में शामिल हो गई।
सांसद बनना चाहती थी चंदा
पुलिस की पूछताछ में चंदा गड़रिया ने बताया है कि गिरोह के मुखिया चंदन गड़रिया की मौत के बाद वह खुद गिरोह की सरगना बन गई थी। उसने बताया कि वह फूलनदेवी से काफी प्रभावित थी। और वह आगे चलकर प्रसिद्ध डकैत बनना चाहती थी। उसने आगे जो बात बताई है कि उसका आगे का विचार था कि वह फूलनदेवी की तरह सरेंडर करके राजनीति में प्रवेश करना चाहती थी। राजनीति में सक्रिय होकर चुनाव जीतकर सांसद बनना चाहती थी। इन सपनों को पूरा करने के लिए वह वसूली, किडनैपिंग व लूटपाट के रूपयों का उपयोग करने वाली थी।
गिराेह में सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पुलिस एनकांउटर में मारे गए चंदन गडरिया गिरोह में सभी लाेग ज्यादात्तर निरक्षर या एक दो क्लास तक ही पढ़े थे, लेकिन चंदा ही थी जिसने आठवीं तक पढ़ाई की थी। बचपन से बाइक व बंदूक चलाने का शौक रखने वाली चंदा गांव में लगने वाले मेलों में एयरगन से मटकी व गुब्बारे फोड़ने का शौक रखती थी ।