साइबर पुलिस फोर्स से नहीं बच सकेंगे साइबर अपराधी

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ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों को रोकने के अलावा इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए आतंकवाद के प्रसार में लगे लोगों को पकड़ने के लिए साइबर पुलिस फोर्स तैयार किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इंटरनेट के जरिए हो रहे अपराधों पर लगाम लगाने के लिए ये बड़ा फैसला किया है। इसके साथ ही ऑनलाइन चल रही अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आई4सी यानी इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर भी स्थापित किया जाएगा।

दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल नवंबर में ही साइबर एंड इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी (सीआईएस) डिविज़न बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को डिविज़न के एक्शन प्लान की समीक्षा हुई। बैठक में गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा के अलावा गृह मंत्रालय के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद साइबर पुलिस फोर्स बनाने और इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर स्थापित करने के फैसले का ऐलान किया गया।

सीआईएस डिविज़न के चार विंग होंगे- सिक्योरिटी क्लीयरेंस, साइबर क्राइम प्रीवेन्शन, साइबर सिक्योरिटी और इनफोर्मेशन सिक्योरिटी। हर विंग का नेतृत्व अंडर सिक्योरिटी रैंक का अधिकारी करेगा। ये भी तय किया गया है कि चीफ इन्फोर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर और उसके डिप्टी अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी।

बैठक के दौरान गृह मंत्री ने इंटरनेट पर अश्लील सामाग्री के प्रसार को लेकर भी चिंता जताई। राजनाथ सिंह ने अधिकारियों से कहा कि वो पॉर्न साइट पर लगाम लगाने के मकसद से साइबर स्पेस की सख्त निगरानी करें और देश के कानून के मुताबिक ऐसे वेबसाइट खासतौर से चाइल्ड पॉर्न को बढ़ावा देने वाले कंटेंट को बलॉक करें।