UP : घर से ही काम करेंगे शिक्षक-शिक्षामित्र, 20 मई तक बंद रहेंगे परिषदीय विद्यालय

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लखनऊ. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को राहत दी है. अब स्कूल बीस मई तक बंद रहेंगे. इसलिए सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशक घर सेही कार्य करेंगे. कोविड 19 की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को घर से कार्य करने की सुविधा मिलेगी. प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है.

उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए 20 मई 2021 तक कक्षा 1 से 8 तक के समस्त परिषदीय/ सहायता प्राप्त/ मान्यता प्राप्त /कस्तूरबा विद्यालय एवं अन्य बोर्ड के विद्यालयों में शैक्षिक कार्य पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी किया गया है.

यूपी के बेसिक शिक्षा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ सतीश द्विवेदी ने इस संबंध में ट़्वीट कर जानकारी दी है- उन्होंने लिखा है कि कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब वर्तमान शैक्षिक सत्र के अंत (20 मई 2021) तक बेसिक शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं को घर से कार्य करने की अनुमति होगी.

बेसिक शिक्षामंत्री ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शिक्षण कार्य पहले ही बंद कर दिए गए थे. लेकिन अब वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों, शिक्षामित्रों तथा अनुदेशकों को भी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी. कोरोना काल में प्रदेश भर में बेसिक शिक्षकों की ओर से मांग की जा रही थी शिक्षकों को स्कूल न बुलाया जाए क्योकि पढ़ाई नहीं हो रही है, और संक्रमण बढ़ रहा है, इसलिए शिक्षकों वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी जाये.

दूसरी ओर मंत्री के इस फैसले को सराहनीय बताया गया. आगरा की डॉ रानी परिहार ने कहा कोरोना की दूसरी लहर में काफी संख्या में शिक्षक बीमार हो रहे हैं. ऐसे में शिक्षकों को अब राहत मिल सकेगी. बता दें कि 23 अप्रैल को प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी घर से काम करने का निर्देश दिया गया था. शिक्षकों को घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई करनी होगी. इसके लिए छात्र.छात्राओं के व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

23 अप्रैल को अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार का पत्र मिलने के बाद प्रधानाचार्यों से कहा गया है ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे शिक्षकों को स्कूल आने की जरूरत भी न हो और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो. बहुत जरी हो तभी शिक्षकों को सीमित संख्या में स्कूल बुलाया जा सकता है.सभी शिक्षक घर से ही बच्चों को आनलाइन पढ़ाई कराएं.