Coronavirus क्या है, बीमारी के लक्षण, इलाज और बचाव के बारे में जानें

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कोरोना वायरस को फैलने से रोकना एक बड़ी चुनौती बन गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्लूएचओ ने कोरोना वायरस को अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है. चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 67,466 हो गयी है. चीन के हुबेई प्रांत में अब तक कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 2,902 हो गयी है. दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 94,000 के पार चली गयी है.

कोरोना वायरस दूसरे फ्लू से बिल्कुल अलग है। कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है, लेकिन कोरोना का संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फ़ैल रहा है.

वुहान के हुआनान सीफूड मार्केट में मिलने वाले समुद्री जीव को कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह माना जा रहा है. वुहान के जिन्यिन्तान हॉस्पिटल में लाए गए 99 लोगों में 49 का इस सीफूड मार्केट से जुड़ाव था.47 लोग हुआनान सीफूड मार्केट में या तो मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे या फिर वहां दुकान चला रहे थे. संक्रमित होने वाले लोगों में केवल दो ही ऐसे थे जो दरअसल, ख़रीददार थे.

जिन्यिन्तान हॉस्पिटल के ( चीन के ) डॉक्टर ली झांग कहते हैं, “कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका महिलाओं में कम है क्योंकि उनमें एक्स क्रोमोज़ोम और सेक्स हार्मोन की वजह से ज़्यादा प्रतिरोधक क्षमता रहती है.” चीन के सेंटर फ़ॉर डिजीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि छह पुरुषों की तुलना में पाँच महिलाओं में इसका संक्रमण पाया गया है. माना जा रहा है कि पुरुष कोरोना संक्रमण की वजह से गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं और अस्पताल में भर्ती कराए जाने की ज़रूरत पड़ सकती है.

लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था. 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे. इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था.

क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
डब्लूएचओ के मुताबिक इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. कोरोना वायरस की वजह से रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट यानी श्वसन तंत्र में हल्का इंफेक्शन हो जाता है जैसा कि आमतौर पर कॉमन कोल्ड यानी सर्दी-जुकाम में देखने को मिलता है। हालांकि इस बीमारी के लक्षण बेहद कॉमन हैं और कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित न हो तब भी उसमें ऐसे लक्षण दिख सकते हैं। जैसे- नाक बहना, सिर में तेज दर्द, खांसी और कफ, गला खराब, बुखार, थकान और उल्टी , महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ आदि, निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस

क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.

कोरोना वायरस को फैलने से कैसे रोकें?
इस जानलेवा कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। WHO ने कुछ गाइडलाइंस भी दिए हैं ताकि इस जानलेवा बीमारी को फैलने से रोका जा सके :-
– बीमार मरीजों की सही तरीके से मॉनिटरिंग की जाए
– रेस्पिरेटरी यानी सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण किसी में दिखें तो उससे दूर ही रहें
– जिन देशों या जगहों पर इस बीमारी का प्रकोप फैला है वहां यात्रा करने से बचें
– हाथों को अच्छी तरह से धोएं और हाथों की सफाई का पूरा ध्यान रखें
– खांसी या छींकते वक्त अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह से ढंककर रखें
– अपने हाथ और उंगलियों से आंख, नाक और मुंह को बार-बार न छूएं
– पब्लिक प्लेस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट में कुछ भी छूने या किसी से हाथ मिलाने से बचें

कोरोना वायरस के बारे में फेक न्यूज

कोरोना वायरस के बारे में सोशल मीडिया में चल रहीं ‘फेक न्यूज’ से रहें सावधान

लहसुन से कोरोना वायरस का इलाज

लहसुन से इलाज का दावा कितना सही? सोशल मीडिया में शेयर किये जा रहे संदेशों में लहसुन से कोरोना वायरस के इलाज का दावा किया जा रहा है. जबकि विश्व स्वास्थय संगठन या दुनिया की कोई भी एजेंसी ने अब तक इस बात का दावा नहीं किया है कि कोरोना वायरस को लेकर कोई टीका इजाद हुआ है. इसकी कोई दवा भी बाजार में नहीं आई है. इस बारे में डब्ल्यूएचओ के ट्वीट में कहा गया है कि यह फेक न्यूज है. लहसुन से वायरस के इलाज के कोई भी पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं.

शराब पीने वाले लोगों पर नहीं होता कोरोना वायरस का असर 

शराब पीने वालों को कोरोना वायरस नहीं होगा कहा जा रहा है कि शराब पीने वाले लोगों पर कोरोना वायरस का असर नहीं होता है. इस तरह की खबरें सोशल मीडिया पर खूब चल रही हैं. इन तथ्यों की पड़ताल में पाया कि इस तरह का कोई सर्कुलर या सलाह भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय या विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से नहीं दी गई है. हमने फैक्ट चेक में पाया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोरोना से बचाव को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस में अल्कोहल का जिक्र तो किया है, लेकिन कहीं ये नहीं लिखा कि शराब पीने से कोरोना वायरस से बचा जा सकता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अपने हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं और गंदा होने पर अल्कोहल बेस्ड हैंडवॉश का इस्तेमाल करें. इससे हाथों में आए वायरस खत्म हो जाते हैं.

कोरोना वायरस का होम्योपैथिक इलाज

कोरोना वायरस की दवा बाजार में आ गई है सोशल मीडिया में चल रहे मैसेज में कहा गया है कि कोरोना वायरस होम्योपैथिक दवा आर्सेनिक एलबम 30 से नियंत्रित किया जा सकता है. मैसेज में कहा गया है कि होम्योपैथिक इलाज आपको इस वायरस से काफी हद तक बचा सकता है. इस बारे में पड़ताल की तो पाया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि यह दवा खाने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है. इसकी सच्चाई जानने की कोशिश की इस बात की पुष्टि हुई कि यह फेक न्यूज है.

अंडा, मछली या चिकेन खाने से होता है कोरोना वायरस 

अंडा, चिकन और मछली से होता है कोरोना अंडा, चिकन और मछली से कोरोना का कोई सीधा संबध नहीं है. इस बारे में हमने भी पड़ताल की तो किसी भी सरकारी या निजी संस्था ने यह दावा नहीं किया है अंडा, मछली या चिकेन खाने से कोरोना वायरस होता है. इस बारे में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी व मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने इस तथ्य का खंडन करते हुए 5 मार्च को ट्वीट भी किया है. इसमें कहा गया है कि मछली, अंडे और चिकन से कोरोना वायरस का कोई लेना-देना नहीं है. मछली अंडा और चिकन छोड़ने से आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है..अतः स्वच्छता का ध्यान रखें और सभी भोजन अच्छी तरह पका कर खाएँ.

चीन से आए सामान नहीं खरीदने की अपील

चीनी सामानों में छिपा है कोरोना वायरस यह तेजी से वायरल हो रहा है कि चीनी सामानों में कोरोना वायरस है. भारत सरकार ने होली पर चीन से आए सामान नहीं खरीदने की अपील की है. इसकी पड़ताल पर पाया कि भारत सरकार ने ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है.

किसी भी देश के पास नहीं है कोई इलाज 

इस वायरस का किसी भी देश के पास कोई इलाज नहीं है। लेकिन हां कुछ सावधानी बरतकर आप इससे बच सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अब तक के शोध से पता चला है कि यह वायरस हवा से नहीं बल्कि सांस लेने/ सांस छोड़ने, खांसने और छींकने की वजह से फैल रहा है। इसलिए जिन्हें सर्दी-जुकाम हुआ हो उससे दूरी बनाकर रखें।