देश में कोरोना के आंकड़े आज पांचवीं बार हुआ 4 लाख पार, बीते 24 घंटे में 4.3 लाख नए केस और 4000 से ज्यादा की मौत

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भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है. देश में बीते दो हफ्तों से रोजाना 3.5-4 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं. कोरोना के कहर को कम करने के लिए देश के लगभग सभी राज्यों में लॉकडाउन (Lockdown) जैसी पाबंदियां लागू हैं फिर भी मामलों में कमी नहीं आ रही है. इस बीच रविवार को कोरोना के नए मामले एक बार फिर 4 लाख के पार पहुंच गये. देश में यह पांचवीं बार है जब एक दिन में 4 लाख से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए हैं. रविवार को भारत में कोरोना के 4.3 लाख से ज्यादा नए केस सामने आए और इस दौरान करीब 4100 लोगों की मौत हो गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 4,03,738 नए मामले सामने औए और इस दौरान 4,092 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही देश में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 2,22,96,414 पहुंच गया है और अब तक 2,42,362 लोग इस जानलेवा वायरस के शिकार हो चुके हैं. भारत में कोरोना के अभी 37,36,648 एक्टिव मरीज हैं और 1,83,17,404 मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं.

उधर, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिये एक महत्वपूर्ण निर्देश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती के लिये मरीज के पास कोविड-19 संक्रमित होने की रिपोर्ट अनिवार्य नहीं है. कोविड मरीजों के उपचार के लिये समर्पित निजी और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में दाखिले के लिये संशोधित राष्ट्रीय नीति में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि किसी भी मरीज को ऑक्सीजन या आवश्यक दवाओं आदि समेत किसी भी मद में सेवा देने से इनकार नहीं किया जा सकता, भले ही वह किसी दूसरे शहर का ही क्यों न हो.

मंत्रालय ने कहा, ‘राज्यों को एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विभिन्न श्रेणियों के कोविड देखभाल केंद्रों में कोविड मरीजों के दाखिले की राष्ट्रीय नीति में संशोधन किया है.’ मंत्रालय के मुताबिक, ‘इन मरीज केंद्रित उपायों का उद्देश्य कोविड-19 से पीड़ित मरीजों को त्वरित, प्रभावी और समग्र उपचार उपलब्ध कराना है.’ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश में कहा गया, ‘कोविड मरीजों का प्रबंधन कर रहे निजी अस्पतालों समेत, केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के तहत आने वाले अस्पताल यह सुनिश्चित करेंगे कि कोविड-19 देखभाल केंद्र में दाखिले के लिये कोरोना वायरस संक्रमित होने की रिपोर्ट की जरूरत अनिवार्य नहीं होगी.’

इसमें कहा गया, ‘संदिग्ध मामले को कोविड देखभाल केंद्र (सीसीसी) संदिग्ध रोगियों के वार्ड, समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र (डीसीएचसी) और समर्पित कोविड अस्पताल (डीएचसी) जो भी हो वहां भर्ती किया जाएगा.’ इन दिशानिर्देश में कहा गया है कि किसी भी मरीज को सेवा देने से इनकार नहीं किया जाएगा, न तो ऑक्सीजन या दवाओं की वजह से और न ही उसके किसी अन्य शहर से होने की वजह से. मंत्रालय ने यह भी कहा कि अस्पताल में दाखिला निश्चित रूप से ‘जरूरत के आधार’ पर होना चाहिए.