असंगठित श्रमिकों के सत्यापन में जुटें

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कटनी @ गतदिवस शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग की कटनी विकासखण्ड की खण्डस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर केवीएस चौधरी और सीईओ जिला पंचायत फ्रेंक नोबल ए ने ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का रिव्यू मैदानी अमले से किया। बैठक में प्राथमिकता पर कलेक्टर चौधरी ने सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों और जीआरएस को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के किये गये पंजीयन का सत्यापन प्राथमिकता पर करने के स्पष्ट आदेश दिये। उन्होने कहा कि पंजीयन का कार्य पूरा होने के बाद सत्यापन का कार्य शेष है। इसलिये सचिवों व जीआरएस ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में जिन पात्र हितग्राहियों का पंजीयन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये किया है, उनके सत्यापन के कार्य में जुटें।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास का रिव्यू भी कलेक्टर चौधरी ने विस्तार से किया। इस दौरान उन्होने पुराने शेष सभी आवास अगली बैठक के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिये। जिन पंचायतों में पुराने आवासों के अपूर्ण होने की संख्या अधिक थी, वहां के पंचायत सचिवों और जीआरएस की क्लास भी कलेक्टर ने ली।

रिव्यू मीटिंग में प्रधानमंत्री आवास के तहत प्राप्त नये लक्ष्यों के आवंटित होने के बावजूद भी अब तक हितग्राहियों को प्रथम किश्त ना दिलाने पर सात ग्राम पंचायतों के सचिवों और जीआरएस पर कलेक्टर जमकर बिफरे। उन्होने जहां सचिवों की असंचयी प्रभाव से एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये। वहीं संबंधित ग्राम पंचायतों के जीआरएस के मानदेय के कम्पोनेन्ट से पीएमएवॉय की राशि काटने के लिये भी निर्देशित किया। इन ग्राम पंचायतों में डिठवारा, हिरवारा, गनियारी, खमतरा, पड़रिया, शाहपुर और चाका के सचिव व जीआरएस शामिल हैं।

बैठक में मनरेगा के कार्यों की समीक्षा भी कलेक्टर चौधरी ने की। उन्होने डैडलाईन देते हुये कहा कि 10 जून के पूर्व तालाबों का निर्माण हर हाल में पूर्ण हो जाये, यह सुनिश्चित करें। जून तक अधिक से अधिक मनरेगा के लेबर बजट को पूर्ण करें।खण्डस्तरीय समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों, मनरेगा के तहत पूर्व के अपूर्ण कार्यों, सीसी रोड निर्माण, जल संरक्षण सहित अन्य गतिविधियों की भी विस्तार से समीक्षा कलेक्टर श्री चौधरी ने की। इस दौरान सीईओ जनपद गणेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।