वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने को लेकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी

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भोपाल। शिवराज कैबिनेट में गोपाल भार्गव जैसे बड़े नेता को शामिल ना किए जाने पर कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर ले रखा है। कैबिनेट में उम्रदराज नेताओं को नजरअंदाज करने को लेकर कांग्रेस और उनके बड़े नेता लगातार ट्वीटर के माध्यम से सरकार पर हमला बोल रहे है ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सिंह की पत्नी रुबिना सिंह बीजेपी के समर्थन में उतर आई है। रुबिना ने अपनी ही पार्टी को निशाने पर ले लिया है। रुबिना ने कमलनाथ सरकार में लक्ष्मण सिंह को मंत्री न बनाये जाने पर कांग्रेस को घेरा है। रुबीना ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के ट्वीट को रिट्टीट करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा है।

दरअसल मंगलवार को गठित हुए भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल को लेकर पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने गोपाल भार्गव जैसे अनुभवी नेता को मंत्रिमंडल में न लिए जाने पर चुटकी ली थी और ट्वीट कर लिखा था कि “शिवराज का मंत्रीमंडल मप्र के दुर्भाग्य की शुरुआत है..! गोपाल भार्गव जैसे वरिष्ठ को नज़रअंदाज़ करना और बिकाऊ लोगों के लिये अपने ही लोगों को किनारे करना अस्वस्थ परंपरा है। ये बीजेपी के अंत का आरंभ है।” लेकिन उनकी पार्टी के विधायक लक्ष्मण सिंह और दिग्विजय सिंह की बहू रुबीना सिंह ने ट्रिटर पर उन पर और कांग्रेस पर ही सवाल खड़े कर दिए। रुबीना ने पटवारी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा ये सब क्या सिर्फ भाजपा में ही होता है? क्या 46 महीने पहले ये कांग्रेस में नहीं हुआ जब एक अनुभवी नेता को अनदेखा कर एक यंग को चुन लिया गया था।

रुबीना के इस ट्वीट के बाद से ही कांग्रेस की गुटबाजी फ़िर सामने आ गई है।हालांकि यह पहला मौका नही है जब रुबिना ने लक्ष्मण सिंह को लेकर कांग्रेस को घेरा है। इसके पहले भी वे लक्ष्मण सिंह को मंत्री ना बनाए जाने पर कांग्रेस और पिछली कमलनाथ सरकार को घेर चुकी है। वही लक्ष्मण सिंह भी अपने बयानों से कई बार कांग्रेस और हाईकमान की मुश्किलें बढ़ा चुके है।