बेटियों के विरूद्ध हो रहे अपराधों को रोकने के लिए प्रशिक्षण आयोजित करें – कमिश्नर उमराव

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होशंगाबाद @ नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर उमाकांत उमराव ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए निर्देशानुसार बेटियों के विरूद्ध हो रहे अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्यवाही की जाने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि इसके लिए सबसे आवश्यक समाज में जागरूकता फैलाना है। उन्होने कहा कि छेड़खानी के अधिकतर मामले कॉलेज, स्कूल, सिनेमा हॉल आदि के इर्द-गिर्द होते है।

इन स्थानों पर स्थित ऑटो रिक्शा स्टेंड के ऑटो चालकों को सेंसिटाइज करने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा ताकि वे छेड़खानी की घटनाओं को रोकने तथा ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिग करने के लिए तैयार रहे। उन्होने कहा कि स्कूल, कॉलेज के शिक्षकों एवं छात्राओ को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कमिश्नर उमराव ने कहा कि समाज में छोटी बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं बढ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओ को प्रशिक्षित कर उन्हे यह बताएं कि वे छोटी बच्चियों के परिवार वालों को अपनी बच्चियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। मजदूर माता-पिता मजदूरी के लिए जाते समय अपने बच्चो को किसी परिचित के घर छोड़ जाते है। उन्हे इस संबंध में जागरूक किये जाने की आवश्यकता है कि किस प्रकार के घर उनके बच्चो के लिए सुरक्षित है।

साथ ही माता-पिता को अपने बच्चो से दिनभर के क्रियाकलाप के बारे में विस्तृत जानकारी लेनी चाहिए ताकि किसी भी संदेहास्पद व्यक्ति के बारे में पता चल सके। उन्होने कहा कि जागरूकता बढाने से इस प्रकार की घटनाओं को कम किया जा सकता है। कमिश्नर ने कहा कि बच्चो की मदद के लिए बनाए गए हेल्पलाइन नम्बर्स को स्कूलों, कॉलेजों, बसों, ऑटो आदि में लिखवाया जाएगा। उन्होने कहा कि महिला सशक्तिकरण अधिकारियो के फोन नम्बर भी प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि महिला एवं बच्चे उनसे बात कर सके।

पोस्टर्स के माध्यम से बच्चो को गुड टच एवं बैड टच के बारे में शिक्षित किया जाएगा। उन्होने कहा कि पुलिस विभाग संभावित अपराधियों का चिन्हांकन अवश्य करें। कमिश्नर ने इस संबंध में विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग को दिए।