उपचुनाव में हार की समीक्षा पर CM योगी अधिकारियों संग करेंगे मीटिंग रद्द किए सभी कार्यक्रम

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लखनऊः यूपी में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के नतीजों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सकते में हैं. उपचुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) ने बीजेपी की इन दोनों सीटों को उनसे छीन लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नतीजों के बाद मीडिया के सामने आए और इसे अति-आत्मविश्वास के कारण मिली हार बताया. हार की समीक्षा की बात कहते हुए सीएम योगी ने गुरुवार को होने वाले अपने सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. योगी गुरुवार को लखनऊ में ही रहेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.

यूपी के गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में मिली हार से बीजेपी सकते में है. हार की समीक्षा की बात कहते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को होने वाले अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. गुरुवार को उन्हें गोंडा जाना था, जहां उन्हें नानाजी देशमुख की मूर्ति का अनावरण करना था. वहीं समाजवादी पार्टी इस जीत से बेहद उत्साहित है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम योगी को गुरुवार को गोंडा में आयोजित 4 दिवसीय लोक कला महोत्सव में हिस्सा लेना था. योगी को नानाजी देशमुख की मूर्ति का अनावरण भी करना था लेकिन अब उनकी जगह पर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा वहां जाएंगे. योगी ने खुद अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द करने का फैसला लेते हुए अधिकारियों संग मीटिंग करने की बात कही.

गौरतलब है कि गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ और फूलपुर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की सीट थी. सपा ने दोनों सीटों पर बीजेपी को हराया. गोरखपुर में सपा प्रत्याशी ने जहां 21881 वोटों से जीत दर्ज की तो वहीं फूलपुर में जीत का अंतर 59613 वोटों का रहा. गोरखपुर से प्रवीण निषाद और फूलपुर से नागेंद्र पटेल सांसद चुने गए हैं.

नतीजों के ऐलान के बाद सीएम योगी ने कहा, ‘हम इस (बसपा-सपा) गठबंधन को समझने में फेल रहे, जिसका एक कारण अति-आत्मविश्वास भी है. दोनों चुनाव हमारे लिए एक सबक है, इसकी समीक्षा की जरूरत है. इस फैसले को स्वीकार करता हूं और जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देता हूं.’ बुधवार शाम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जीत की बधाई देने बसपा सुप्रीमो मायावती के घर भी पहुंचे थे.

मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पार्टियों के नेताओं ने करीब एक घंटे तक मुलाकात की. इस दौरान भविष्य में चुनावी रणनीतियों को लेकर उनके बीच चर्चा हुई. अखिलेश और मायावती की मुलाकात के बाद उन अटकलों को और भी बल मिल गया है, जिनके मुताबिक 2019 लोकसभा चुनाव में ‘बुआ-भतीजे’ की जोड़ी बीजेपी के विजय रथ को रोकने के लिए एक बार फिर हाथ मिला सकती है.