घर खरीदने वालों को केंद्र सरकार का बड़ा तोहफ़ा

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राजधानी दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें कई अहम फ़ैसले लिए गए. ग़रीब लोगों को सस्ते मकान उपलब्ध कराने से लेकर आम लोगों को जीएसटी का फ़ायदा पहुंचाने पर निर्णय लिया गया, तो वहीं दाल की उपलब्धता बढ़ाने और बाल विकास कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ाने का फ़ैसला भी लिया गया है.

देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इंटरेस्ट सब्सि डी का दायरा बढ़ा दिया है. पहले जहां यह एमआईजी की पहली स्कीम पर सब्सियडी 90 स्क्वायर मीटर कार्पेट एरिया पर मिलती थी अब इसके लिए 120 स्क्वायर मीटर एरिया तय किया गया है और दूसरी स्कीम के तहत कार्पेट एरिया को 110 स्क्वायर मीटर से बढ़ाकर 150 स्क्वायर मीटर कर दिया है.

सरकार ने पिछले साल ये योजना लागू की थी, जिसके तहत एमआईजी-1 में 6 से 12 लाख तक की आय वालों लिए सरकार लोगों को अधिकतम नौ लाख तक के कर्ज पर चार फ़ीसदी की छूट देती है. वहीं एमआईजी-2 में 12 से 18 लाख तक आय वालों के लिए अधिकतम 12 लाख तक के कर्ज पर 3 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. इस योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने इसके कॉरपेट एरिया में इज़ाफ़ा किया है.

वहीं मोदी सरकार ने जीएसटी को लेकर भी एक अहम फ़ैसला किया है. कैबिनेट की बैठक में छोटे उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए मुनाफ़ा विरोधी अखिल भारतीय प्राधिकरण को स्थापित करने को हरी झंडी दे दी गई है. इससे आम लोगों तक जीएसटी के घटे रेट का फ़ायदा नहीं पहुंचाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा सकेगी. अखिल भारतीय मुनाफ़ा विरोधी समिति की स्थाई समिति राज्य के साथ केंद्रीय स्तर पर भी बनाई जाएगी.

इसके अलावा आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने दाल को लेकर भी आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए दालों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है. सरकार का कहना है कि किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए ज्यादा विकल्प दिए जाएंगे, ताकि उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके.

सरकार ने समेकित बाल विकास कार्यक्रम आईसीडीएस को 30 नवंबर, 2018 तक कर दिया है. साथ ही सरकार ने न्याय विभाग की केंद्रीय योजना के तहत साढ़े चार हज़ार कोर्ट हाल बनाने का निर्णय भी लिया है. इसके अलावा सरकार ने पोलैंड के साथ उड्डयन के क्षेत्र में और बेलारूस के साथ विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में आपसी समझौते को मंज़ूरी दे दी.