केंद्र सरकार का प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

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मोदी सरकार ने प्राइवेट कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। लोकसभा में ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 पास हो गया है। अब प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को 20 लाख रुपए तक टैक्स फ्री ग्रेच्‍युटी मिल सकेगी। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पहले ही 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रेच्‍युटी का प्रावधान है। आपको बता दें कि पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी बिल के तहत किसी संगठित क्षेत्र के कर्मचरियों को अधिकतम 10 लाख रुपए मिला करते थे।

पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी एमेंडमेंट बिल में इस सीमा के बारे में कहा गया है कि इसके बारे में केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर सकती है। श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार टैक्स फ्री ग्रेच्‍युटी की राशि बढ़ा कर 20 लाख रुपए तक कर सकती है।

अन्‍य बातों के अलावा इस बिल में यह प्रावधान भी किया गया है कि केंद्र सरकार मैटरनिटी लीव (मातृत्‍व अवकाश) की अवधि अधिसूचित कर सकती है और यह अवकाश ग्रेच्‍युटी की गणना के लिए सेवा की निरंतरता मानी जाएगी। 1961 एक्‍ट के अनुसार, मातृत्‍व अवकाश की अधिकतम अवधि 12 हफ्ते थी जिसे मैटरनिटी बेनीफिट अमेंडमेंट एक्‍ट 2017 के अनुसार बढ़ाकर 26 हफ्ते कर दिया गया है।