केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ा

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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की बढ़ोत्तरी को मंजूरी दी। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 7 फीसदी से बढ़कर 9 फीसदी किया गया। साथ ही भारतीय डाक भुगतान बैंक की स्थापना के लिए परियोजना खर्च में बढ़ोत्तरी को भी मंजूरी दे दी गई।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में दो फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। अब केंद्रीय कर्मचारियों को 9 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। कल हुई आर्थिक मामलों की केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का ये फैसला 1 जुलाई 2018 से लागू होगा।

साथ ही भारतीय डाक भुगतान बैंक की स्थापना के लिए परियोजना खर्च में बढ़ोत्तरी को भी मंजूरी दे दी गई। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने व्यापक योजना ‘महासागरीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, निगरानी को अपनी मंजूरी दे दी है। इससे तटीय क्षेत्र के लोगों और मछुआरों को सीधा लाभ होगा।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को महंगाई से निपटने के लिए बड़ी राहत मिली है। कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में अतिरिक्त 2 फीसदी के इजाफे को मंजूरी दे दी है। महंगाई भत्ते के नए रेट 1 जुलाई 2018 से प्रभावी माने जाएंगे। इस फैसले से केंद्र सरकार के 48.41 लाख कर्मचारियों और 62.03 लाख पेंशनधारकों को फायदा मिलेगा। मौजूदा समय में कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी/पेंशन का 7 फीसदी है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय डाक भुगतान बैंक की स्थापना के लिए परियोजना खर्च 800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,435 करोड़ रुपये करने संबंधी संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधित लागत अनुमानों में 635 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि में से चार सौ करोड़ रुपये प्रौद्योगिकी खर्च के लिए और 235 करोड़ रुपये मानव संसाधन पर खर्च के लिए होंगे।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने व्यापक योजना ‘महासागरीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, निगरानी, संसाधन प्रतिरूपण और विज्ञान ओ-स्मार्ट को अपनी मंजूरी दे दीहै। 1623 करोड़ रुपये की कुल लागत की यह योजना 2017-18 से 2019-20 की अवधि के दौरानलागू रहेगी।

इस येाजना में महासागर विकास से जुड़ी 16 उप-परियोजनाओं जैसे – सेवाएं, प्रौद्योगिकी, संसाधन, प्रेषण और विज्ञान कोशामिल किया गया है।इससे तटीय क्षेत्र के लोगों और मछुआरों को सीधा लाभ होगा। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई देशों के साथ तमाम क्षेत्रों मेंसहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) को भी मंजूरी दी गई।