केंद्रीय कैबिनेट ने लग्जरी कारों पर सेस बढ़ाने को दी मंजूरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक। नई जीएसटी व्यवस्था के तहत बड़ी महंगी कारों और एसयूवी पर उपकर बढ़ाने के लिये अध्यादेश लाने को मिली मंजूरी। सरकार ने राज्यों को क्षतिपूर्ति के संबंध में जीएसटी क़ानून में संशोधन के लिए अध्यादेश की घोषणा की। ओबीसी क्रीमी लेयर के नियम केंद्रीय पीएसयू, बैंकों और बीमा संस्थानों में भी लागू.

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने नई जीएसटी व्यवस्था के तहत बड़ी महंगी कारों और एसयूवी पर उपकर बढ़ाने के लिये अध्यादेश लाने को बुधवार को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल के सामने इस तरह की कारों पर उपकर को मौजूदा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था।

जीएसटी लागू होने के बाद इन वाहनों के दाम कम हो गये। जीएसटी लागू होने से पहले लक्जरी कारों पर सबसे ज्यादा कर की दर 52 से लेकर 54.72 प्रतिशत तक थी। इसमें 2.5 प्रतिशत केन्द्रीय बिक्री कर और चुंगी कर शामिल किया गया था।

इसके विपरीत जीएसटी लागू होने के बाद ऐसे वाहनों पर अधिकतम कर की दर 43 प्रतिशत रह गई है। इसलिये कर की दर को जीएसटी-पूर्व के स्तर तक लाने के लिये उच्चतम क्षतिपूर्ति उपकर की दर को 25 प्रतिशत तक करना होगा।

यही वजह है कि जीएसटी लागू होने के बाद ज्यादातर एसयूवी वाहनों के दाम 1 लाख दस हजार से लेकर तीन लाख रुपये तक कम कर दिये गये। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि अब ओबीसी की क्रीमीलेयर सीमा पीएसयू, बीमा कंपनियों और बैंकों में भी लागू होगी।