जीएसटी पर अपीलीय ट्रिब्यूनल राष्‍ट्रीय पीठ के गठन को कैबिनेट की मंजूरी

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जीएसटी कर अपीलीय ट्रिब्यूनल की राष्ट्रीय पीठ के गठन को मंजूरी, उत्तर-पूर्व स्वायत्व परिषद को मजबूत करने के लिए संवैधानिक संशोधन को भी मिली हरी झंडी

जीएसटी विवाद निपटारे के लिए पीठ गठित करने को मंज़ूरी देने के साथ साथ कुवैत में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कुवैत के साथ समझौते को मंजूरी दी गई। जीएसटी से जुड़े विवादों के निपटारे की दिशा में अहम फैसला लेते हुये केन्द्र सरकार ने वस्‍तु और सेवा कर अपीलीय न्‍यायाधिकरण-जीएसटी ट्राईब्यूनल के राष्‍ट्रीय पीठ के गठन को मंजूरी दी है। इस न्यायाधिकरण में अध्यक्ष के अलावा केन्‍द्र और राज्‍यों से एक-एक तकनीकी सदस्‍य होंगे। जीएसटी विवाद निपटारे के गठित ये पीठ नई दिल्‍ली में होगी।

कैबिनेट ने एक अहम फैसले में खाड़ी देश कुवैत में काम कर रहे भारतीयों को सुरक्षा प्रदान के लिये कुवैत के साथ समझौते को मंजूरी दी गई है। इसके तहत् कुवैत में घरेलू कामगारों के रूप में काम कर रहे भारतीयों का शोषण नहीं हो सकेगा। गौरतलब है कि है कि कुवैत में करीब 3 लाख भारतीय घरेलू कामगार काम करते है जिसमें लगभग 90,000 महिला घरेलू कामगार हैं।

इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में कैबिनेट ने अनुच्छेद 280 और संविधान की छठी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संविधान संशोधन से उत्तर पूर्व के राज्यों असम, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में ऑटोनमस काउंसिल को अधिक वित्तीय अधिकार के साथ मजबूती मिलेगी।

इस संशोधन से न केवल आदिवासी इलाकों की स्वायत परिषदो को वित्तीय संसाधन जुटाने में आसानी होगी । बल्कि ग्रामीण और म्यूनिसपल स्तर पर 30 फीसदी सीटे महिलाओं के लिये आरक्षित हो जायेगी। इसके साथ परिषद को पब्लिक से जुड़े 30 अहम मामलों में काम करने और फैसले लेने के अधिक अधिकार हासिल हो सकेंगे।

इसके अलावा एक अहम फैसले में कैबिनेट ने दिल्‍ली मेट्रो कॉरिडोर का दिलशाद गार्डन से न्‍यू बस अड्डा गाजियाबाद तक विस्‍तार किये जाने के प्रस्‍ताव को भी मंजूरी दी। नई विस्‍तारित लाइन की दूरी लगभग दस किलोमीटर होगी। इससे गाजियाबाद के निवासियों को दिल्ली आने जाने में सुविधा होगी शहर के विकास को भी नई गति मिलेगी।