ब्रिटिश कोर्ट ने अधिकारियों को दिया माल्या की संपत्तियों को ज़ब्त करने का दिया आदेश

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भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के ख़िलाफ भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. ब्रिटिश उच्च न्यायालय ने अपने देश में स्थित माल्या की संपत्तियों को ज़ब्त करने का दिया आदेश दिया है. जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण की राह आसान हुई है.

बैंकों से करीब 9,000 करोड़ का लोन लेकर विदेश भाग चुके विजय माल्या की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ब्रिटिश अफसर विजय माल्या की लंदन स्थित संपत्तियों की जांच और ज़ब्ती कर सकेंगे. ब्रिटेन के एक हाईकोर्ट ने 13 भारतीय बैंकों के गठजोड़ के पक्ष में एक प्रवर्तन आदेश दिया है. इन बैंकों ने विजय माल्‍या से बकाया राशि चुकाने की मांग की है.

अदालत के फैसले में ब्रिटिश हाईकोर्ट के एनफोर्समेंट अधिकारी को विजय माल्‍या की लंदन के नजदीक हेर्टफोर्डशायर स्थित तमाम संपत्तियों की तलाशी लेने और उन्‍हें जब्‍त करने की अनुमति दी गई है. यूके हाईकोर्ट ने अधिकारियों और उनके एजेंट्स को माल्या के घर में जाने और तलाशी लेने तथा ज़रूरत पड़ने पर जब्त करने की अनुमति दे दी है.

क़ानूनी जानकारों के मुताबिक हाईकोर्ट का यह नया आदेश बहुत ज़रूरी था. यह आदेश ब्रिटिश ट्रिब्‍यूनल अदालत और एनफोर्समेंट कानून 2007 के मुताबिक है. यह आदेश भारतीय अदालतों के इस आदेश की पुष्टि करता है कि भारतीय बैंक अपनी बकाया राशि वसूलने के हकदार हैं.

गौरतलब है कि माल्‍या इस समय 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉ‍न्ड्रिंग मामले का सामना कर रहे हैं. उन पर 13 भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बकाया हैं. इन बैंकों में भारतीय स्‍टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कॉरपोरेशन बैंक और आईडीबीआई जैसे बैंक शामिल हैं.

इधर दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय ने विजय माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले पर सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि उसने विजय माल्या और उसकी कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज की 159 संपत्तियों की पहचान की है. ईडी के जरिए बेंगलुरु पुलिस ने कोर्ट से और संपत्तियों की पहचान करने के लिए समय की मांग की. गौरतलब है कि 8 मई को कोर्ट ने विजय माल्या की संपत्तियों को ज़ब्त करने का आदेश दिया था.

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया था. मनी लॉन्ड्रिंग केस में मुंबई की विशेष अदालत ने 30 जून को भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के तहत माल्या को 27 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है. इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी. अगर माल्या कोर्ट में हाजिर नहीं होता है तो उसे भगोड़ा अपराधी मान लिया जाएगा और जांच एजेंसियां भारत में उसकी संपत्तियां ज़ब्त कर सकेंगी.