ब्रिक्स ने उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की निंदा की, कूटनीतिक समाधान की वकालत

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भारत समेत ब्रिक्स देशों ने आज उत्तर कोरिया द्वारा किये गये परमाणु परीक्षणों की कड़े शब्दों में निंदा की और इस बात पर जोर दिया कि कोरियाई प्रायद्वीप में लंबे समय से चले आ रहे परमाणु मुद्दे का सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से समाधान होना चाहिये।

उत्तर कोरिया ने कल अपना अब तक का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया और अत्याधुनिक हाइड्रोजन बम बनाने का दावा किया जिसे अंतरप्रायद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल पर लोड किया जा सकता है।

ब्रिक्स ने यहां समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान जारी श्यामन घोषणा पत्र में उत्तर कोरिया द्वारा किये गये परमाणु परीक्षण की कड़े शब्दों में निंदा की।

इसमें एक बयान में कहा गया, ‘‘हम कोरियाई प्रायद्वीप में लंबे समय से चले आ रहे परमाणु मुद्दे और जारी तनाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं और इसे सभी संबंधित पक्षों के बीच सीधी बातचीत के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से हल करने के हक में हैं।’’ उत्तर कोरिया के इस कदम को लेकर हो रही उसकी वैश्विक आलोचना के बीच ब्रिक्स देशों का ये कड़ा बयान आया है।

महत्वपूर्ण बात यह कि यह उस दिन आया जब चीन ने कहा कि उसने प्योंगयांग के सबसे बड़े परमाणु हथियार परीक्षण को लेकर आधिकारिक रूप से उत्तर कोरिया से अपना विरोध दर्ज कराया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं को बताया कि चीन ने अपने यहां डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के प्रभारी से इस बाबत कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।