संगम तट पर पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव, कही दिल छू लेने वाली बातें

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प्रयागराज: बॉलीवुड के मशहूर हास्य फिल्म अभिनेता राजपाल यादव हर साल की तरह इस साल भी प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेले में अपने गुरु देव प्रभाकर शास्त्री “दद्दा जी” के शिविर पहुंचे. जहां वो 20 सालों से विश्व कल्याण के लिए होने वाले लाखों पार्थिव शिवलिंग के निर्माण के यज्ञ में शामिल होते हैं.

हालांकि इस बार उनके गुरु दद्दा जी साथ नही हैं उनका देहावसान हो चुका है लेकिन राजपाल यादव उनके चलाये यज्ञ में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. फिल्मों में राजपाल यादव की छवि एक बड़े हास्य कलाकार की है लेकिन यहां उनका एक अलग रूप देखने को मिलता है. राजपाल यादव यहां पूरी तरह गंगा भक्त राजपाल बन जाते हैं. पूरी तरह धर्म और आध्यात्म में रमे एक आम श्रद्धालु के रूप में दिखते हैं.

बाद उनके शिविर पहुंचे राजपाल अपने गुरु को याद कर भावुक हुए उन्होंने कहा उन्होंने पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर अपने गुरु को श्रद्धांजलि दी है और प्रार्थना की है कि देश-दुनिया मे जितनी आपदाएं है, वो खत्म हो, हम सब प्रकृति के निकट रहे । क्योंकि जब नेचर को गुस्सा भड़कता है तो अलग तांडव देखने को मिलता है ।

उत्तराखंड के चमोली हादसे पर बात करते हुए राजपाल ने बताया कि उस घटना के वीडियो देखकर मैं दहल गया. उन्होंने बताया कि हादसे से एक दिन पहले वो ऋषिकेश के ऊपर एक शूटिंग में शामिल थे और जैसे ही वो वहां से लौटे उन्हें हादसे की सूचना मिली, उन्होंने कहा कि प्रकृति से प्रार्थना है कि वो अपने बच्चो पर रहम करें. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया से प्रार्थना है कि अगर खुद को बचाना है तो प्रकृति का सम्मान करना होगा, प्रकृति का दोहन मत करो वो हमें अच्छी उम्र देगी जीने के लिए.

आध्यात्म के प्रति झुकाव के सवाल पर राजपाल ने कहा कि जिस व्यक्ति के अंदर आध्यात्म नही है वो कभी एक्टर नही बन सकता है. संगम पर बात करते हुए राजपाल ने कहा कि साल 2002 में पहली बार जब दद्दा जी के साथ संगम आया तो दद्दा जी के साथ ‘संगम’ का अर्थ समझा, उन्होंने कहा कि संगम को याद कर सारी मुश्किलें दूर हो जाती है और अगर आप संगम से प्यार करते हो तो मानो सबसे प्यार करते हो, क्योंकि संगम में ही समागम है और संगम में ही सारे आगमन है.

आध्यात्मिक अंदाज़ में राजपाल ने कहा कि वो ऐसे संगम के पुजारी हैं. दुनिया से लाखों लोग अपना घरबार छोड़ कर ऐसे स्थान पर जहां रेत है. हर—हर गंगे, हर—हर महादेव कल्पवास में गंगा की रेत को स्वर्ग मानकर अपने माथे पर लगाते हैं. ऐसी आस्था और श्रद्धा को मैं नमन करता हूँ और जब तक जीवित हूँ करता रहूंगा, उन्होंने कहा यहां से लौटने के बाद उन्हें एनर्जी मिलती है वो अधिक एनर्जी से काम कर पाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी आने वाली फिल्मों में हंगामा 2, भूल-भुलैया 2, बोले चूड़ियां, हेलो चार्ली, और 3-4 वेब सीरीज भी शामिल है.

वेब सीरीज़ में अभी तक काम न करने पर तांडव जैसी वेब सीरीज़ पर कटाक्ष करते हुए राजपाल ने कहा कि अभी तक वेब सीरीज़ का हिस्सा जानबूझ कर नहीं बना था, क्योंकि वो बच्चो-बूढों और नौजवान सभी के मनोरंजन का सपना देखते हैं और जब राजपाल हंसते हैं तो लोग हंस देते हैं और उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति का देश है. सरस्वती का देश है और यहां लोग ‘हम आपके हैं कौन’ से लेकर ‘शोले’, ‘मुगले आज़म: या ‘अंगूर’ जैसी फिल्मों के पुजारी रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो स्वस्थ मनोरंजन के पुजारी है जिसमे कोई ऐसी बात न हो लेकिन मज़ा पूरे घर को चोखा आये.