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क्षिप्रा में अमृत-पान कर महाआरती में भक्तिभाव में लीन हो जाते हैं लाखों श्रद्धालु

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उज्जैन |
पवित्र एवं मोक्षदायिनी माँ क्षिप्रा की महाआरती में
अमृत-पान कर श्रद्धा-भक्ति में लीन हो जाते हैं लाखों श्रद्धालु। श्रद्धालु दूधिया
प्रकाश और जगमगाते दीपों के बीच आरती के दौरान 
दोनों हाथों से तालियाँ बजा़कर अपना श्रद्धाभाव प्रकट करते हैं तथा पुण्य
सलिला माँ क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। संध्या आरती में घाटों का
भक्तिमय वातावरण अंधेरे में भी उज़ाले का संदेश दिखाई देता है।
संध्या कालीन
महाआरती में बिहार प्रदेश के पटना जिले से आए कलेक्टर श्री संजय कुमार अग्रवाल ने
क्षिप्रा की महाआरती में भाग लेकर अपने-आप को भाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि
देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों में जाने का अवसर मिला, लेकिन महाकाल की नगरी में स्थित क्षिप्रा माँ की आरती सबसे
अनोखी एवं अविस्मर्णीय है।

क्षिप्रा में
अमृत स्नान एवं बाबा महाकाल के दर्शन करने जो भी श्रद्धालु आते हैं वे संध्या की
महाआरती में शामिल होना नहीं भूलते। क्षिप्रा के दत्त अखाड़ा घाट,
रामघाट सहित सभी घाटों में आरती का विहंगम दृश्य स्वमेव
श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। महाकाल की नगरी में जो भी श्रद्धालु
पहुँचता है वे दिन-भर विभिन्न देव-स्थलों एवं अखाड़ों में अमृत रूपी ज्ञान प्राप्त
करते हैं तथा संध्या के समय माँ क्षिप्रा की महाआरती में पहुँचकर अपने-आप को धन्य
मानते हैं।