पीएम स्वनिधि एवं मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेण्डर योजना के प्रकरणों में स्वीकृति और ऋण वितरण में तत्परता बरतें बैंक- कलेक्टर श्री शर्मा

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कलेक्टर ने की जिला साख समन्वय समिति की बैठक में स्व-रोजगार ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

जबलपुर। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बैंक अधिकारियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेन्डर योजना के प्रकरणों में ऋण स्वीकृत करने की प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आज सोमवार को आयोजित जिला साख समन्वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना केन्द्र शासन की एवं मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना प्रदेश शासन की फ्लैगशिप योजनायें है। बैंकर्स को इसे ध्यान में रखते हुए इन योजनाओं के प्रकरणों को स्वीकृत करने और ऋण वितरण करने में तत्परता बरतनी होगी। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभागों के अधिकारियों को भी ज्यादा से ज्यादा प्रकरण तैयार कर बैंकों को अग्रेसित करने की हिदायत दी है। बैठक में जिला पंचायत की सीईओ रिजु बाफना भी मौजूद थीं।

कलेक्टर ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में फुटपाथ व्यापारियों के लिए चलाई जा रही इन दोनों योजनाओं के अलावा विभिन्न स्व-रोजगार ऋण योजनाओं की बैंकवार समीक्षा भी इस बैठक में की। उन्होंने बैंकर्स को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कृषि सहित होटल इंडस्ट्री, रेडीमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री, एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत मटर उत्पादन, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसे क्षेत्रों में भी प्राथमिकता से ऋण वितरित करने कहा तथा महिला स्व-सहायता समूहों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए क्रेडिट लिंकेज स्वीकृत करने में भी तत्परता से कार्यवाही करने के निर्देश दिये।

श्री शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की स्थिति की भी बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बैंकर्स को सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को समय सीमा के भीतर निराकरण करना होगा। उन्होंने तीन सौ दिन से अधिक समय से लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर शिकायतकर्ता की संतुष्टि के साथ निराकृत करने के निर्देश भी बैठक में मौजूद बैंक अधिकारियों को दिये।

बैठक के प्रारंभ में जिला पंचायत की सीईओ रिजु बाफना ने बैंकों के सीडी रेशियो की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बैंकर्स को साख-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करना होगा तथा कृषि के साथ-साथ होटल इंडस्ट्री, रेडिमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री, एमएसएमई एवं स्टार्टअप्स को ऋण देने की प्रक्रिया को आसान बनाना होगा।

बैठक में मौजूद जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स तथा होटल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने बताया कि होटल इंडस्ट्री और रेडीमेड गारमेंट्स इंडस्ट्री को ऋण देने में निजी बैंकों विशेषकर आईसीआई बैंक द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा है, बल्कि ऋण देने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है। बैठक में आईसीआई बैंक द्वारा सहायक प्रबंधक स्तर के अधिकारी को भेजे जाने पर नाराजी व्यक्त की गई तथा जिला साख समन्वय समिति की आगामी बैठकों में बैंकों द्वारा जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी की अनिवार्य रूप से उपस्थिति के निर्देश दिये गये।

बैठक में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना एवं मुद्रा योजना के तहत प्राप्त प्रगति की समीक्षा भी की गई। बैठक में रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक के.एल. माथुर, सेंट्रल बैंक के महावीर प्रसाद मीणा, स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज कुमार, लीड बैंक मैनेजर संजय सिन्हा, नाबार्ड के जिला प्रबंधक अपूर्व गुप्ता तथा स्वरोजगार ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े सभी शासकीय विभागों के अधिकारी मौजूद थे।