बड़वानी पुलिस ने अंधे कत्ल का 6 घंटे में किया पर्दाफश

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बड़वानी @ शुक्रवार 14 सितंबर को फरियादी रवि जाट ने थाने पर सूचना दी कि उसके पिता संतोष पिता भगवान जाट निवासी तलून की लाश उसके काका के खेत में पडी दिखी। तथा पिता की लाश के सिर पर धारदार हथियारों से चोट के निशान है।

सूचना के आधार पर टीआई कोतवाली राजेश यादव ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 302, 201 भारतीय दंड विधान के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। पुलिस अधीक्षक बड़वानी विजय खत्री ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एएसपी ओंकार सिंह एवं एसडीओपी अंतर सिंह जमरा के मार्गदर्शन में टीआई बड़वानी राजेश यादव के नेतृत्व में एफएसएल अधिकारी बी एस बघेल, उपनिरीक्षक लखन सिंह बघेल, सहायक उपनिरीक्षक गजेंद्र सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक अशोक शिवराम, शैलेंद्र, आरक्षक संदेश, प्रधान आरक्षक गुरुदत्त निकुंम, राकेश कुमार, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट वीरेंद्र सिंह, डॉग मास्टर आरक्षक किशन सिंह सिसोदिया की टीम गठित की गई।

गठित टीम ने लगातार मेहनत करते हुए उपलब्ध समस्त वैज्ञानिक एवं अन्य शाक्ष्यो के आधार पर तलून गांव के रहने वाले भिलट देव बैड़ी के संतोष कोली को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ की। प्रारंभ में संतोष कोली पुलिस को गुमराह करता रहा और वारदात में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया। लेकिन जब टीम ने उसे तकनीकी वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से एक के बाद एक प्रश्न किए तो उसने जो भी प्रश्न के जवाब दिए उन प्रश्नों की तस्दीक करने पर सभी उत्तर झूठे होने पाए। जिसे संदेही पर पुलिस को शक गहराता गया। उससे और गहराई से पूछताछ की तो अंततः उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

जब अपराधी से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि मैंने मृतक संतोष जाट से करीब 20 हजार रुपये उधार लिए थे। और वह मुझसे बार-बार उधारी के पैसे मांगता था इसको लेकर मृतक ओर आरोपी के बीच विवाद भी हुआ था। आरोपी ने संतोष जाट को रास्ते से हटाने की प्लानिंग की। मृतक और आरोपी बहुत अच्छे दोस्त थे उसी का फायदा उठाते हुए उसने संतोष को रात को बातचीत के बहाने बुलाया। और बातचीत के दौरान जो कुल्हाड़ी उसने पेट के अंदर छिपा रखी थी उसे संतोष जाट के सिर पर चार पांच बार वार किए। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई उसके बाद आरोपी संतोष कोली ने लाश को छुपाने के उद्देश्य से मृतक को घसीटकर खेत में पटक दिया जिससे किसी को पता ना चले।

संतोष को मारने के बाद आरोपी ने उसकी जेब से डायरी निकाली जिसमें पैसे के लेन देन का हिसाब किताब मृतक लिखा करता था। साथ ही उसने आरोप मृतक की जेब से रुपये निकाल लिए। रात में घटना करने के बाद आरोपी ने सुबह जल्दी स्नान किया और अपने खून से भरे हुए कपड़े अंदर पेटी में छुपा कर रख दिए पुलिस जब मौके पर पहुंची तो आरोपी घटनास्थल पर मौजूद था। पुलिस को गुमराह करते हुए काफी दुख सहानुभूति व्यक्त कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसे घटना में प्रयुक्त की गई कुल्हाड़ी, खून लगे कपड़े, हिसाब की डायरी जप्त की। आरोपी को गिरफ्तार करने में गठित टीम को पुलिस अधीक्षक विजय खत्री ने बधाई देते हुए 10 हजार रुपये के नगद इनाम की घोषणा की है।