भेड़ाघाट में पर्यटकों पर रॉड से हमला, महिला पर खौलता तेल डाला

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जबलपुर। अतिथि देवो भव: वाली हमारी संस्कृति में जहाँ अतिथि को देवताओं के सामन दर्जा दिया जाता है, वहीं विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट में अतिथि के अपमान का अनोखा मामला देखने को मिला है। जहां कैंटीन में महाराष्ट्र के इस परिवार को साथ मारपीट कर खौलता तेल डाल दिया।

दरअसल, मामला भेड़ाघाट का है, जहां धुआधार और मार्बल रॉक को देखने के लिए महाराष्ट्र से एक परिवार आया हुआ था धुआंधार और मार्बल रॉक को देखने के बाद ये परिवार धुआंधार में स्थित कैंटीन में नाश्ता करने के लिए पहुंचा था नास्ता करने के बाद कैंटीन के मालिक रघु चौरसिया ने इन लोगों के साथ न की मारपीट बल्कि उनके ऊपर खौलता तेल डाल दिया। वहीं परिवार की अन्य सदस्यों द्वारा इसका विरोध करने पर उनपर रॉड से हमला किया गया।

घटना है मुख्य धुँआधार पर्यटन स्थल पर सटे हुए आवंटित रेस्टोरेंट की, कैंटीन-रेस्तोरेंट चलाने वाले मालिक के द्वारा पर्यटक पर मामूली बात को लेके खौलता हुआ तेल दाल दिया, इस घटना में पर्यटक की जान भी जा सकती थी, जो अभी अपने स्वयं के खर्चे पर उपचारार्थ है , न तहसीलदार , न पुलिस विभाग ने ना ही पर्यटन विभाग के अधिकारी, इस घटना की सुध लेने पहुंचे, निसंदेह यह निम्नस्तरीय लापरवाही पर्यटकों की संख्या में कमी लाएगी, जिससे पर्यटन विभाग को आर्थिक क्षति कारित होगी, इस आवंटन में नगर पालिका की भूमिका भी संदेह के घेरे में है.

जरुरत है घटना और विषय से सम्बंधित अधिकारी मौके पर पहुँच कर कैंटीन आवंटन के पूर्व संचालक का चरित्र प्रमाण पत्र तैयार करवाए, और पर्यटन विभाग के द्वारा कैसे बिना चरित्र प्रमाण पत्र के अपराधिक प्रवृत्ति जेसे व्यक्ति को यह कैंटीन आवंटित की गयी है, यह जांच का विषय है, गन्दगी भरे माहौल में पर्यटकों परोसा जाने वाला खाना भी जांच के दायरे में आयेगा.

हाल ही में जिलाध्यक्ष के द्वारा एक आम नागरिक के साथ की गयी अभद्रता के चलते विडियो वायरल होने से साइकिल स्टैंड कार्यालय कलेक्ट्रेट का टेंडर निरस्त कर दिया था, वर्तमान में स्थिति अनुसार यह रेस्टोरेंट भी कुछ इसी कार्यवाही के योग्य है, जिसने पूर्ण प्रशासन की छवि ख़राब करने का दुसाहस किया है. क़ानून जिसे को भय नही.

इस प्रसिद्द पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध फिल्म निर्माता एक अच्छी शूटिंग के योग्य क्षेत्र मानते है, पुरे देश में यह स्थल अपनी संगमरमरीय वादियों के नाम से प्रसिद्ध है. पर्यटन विभाग को एक अच्छी खासी आय का साधन है यह क्षेत्र, पर भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल कायम करने में कोई कसर पर्यटन विभाग ने नही छोड़ी.

पर्यटको की भीड़ को देखते हुए पर्यटन विभाग के द्वारा सतर्कता के आधार पर कोई चौकन्नी व्यवस्था नही की गयी है आज तक, ना ही नियमावली जारी की है.