अतरौली विधानसभा सीट ने कल्याण सिंह को दस बार विधानसभा में पहुंचाया

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अलीगढ़. अतरौली विधानसभा सीट. यूपी की यह वो विधानसभा सीट है जिसने भाजपा के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को दस बार विधानसभा में पहुंचाया. सन् 1962 से सन् 2002 तक इस सीट पर सिर्फ दो बार कल्याण को हार का सामना करना पड़ा. उनके परिवार की परंपरागत सीट रही है. कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह इस समय यहां से विधायक हैं.

1962 में भारतीय जनसंघ के टिकट पर लड़े
इस विधानसभा क्षेत्र में लोधी मतदाता सर्वाधिक हैं. यूपी की सियासत में अतरौली का हमेशा महत्व रहा है. वीआईपी सीट मानी जाती रही है अतरौली. कल्याण सिंह अतरौली से दस बार विधायक बने हैं. दो बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा. सन् 1962 में वह भारतीय जनसंघ के टिकट पर लड़े लेकिन पराजित हुए. सन् 1980 में वह भाजपा के उम्मीदवार थे लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार अनवार खान से हार गए.

अतरौली कल्याण सिंह की पारिवारिक सीट
यही नहीं, अतरौली कल्याण सिंह की पारिवारिक सीट है. सन 2004 में कल्याण सिंह के भाजपा की टिकट पर बुलंदशहर का सांसद बनने पर अतरौली में उपचुनाव हुआ. तब कल्याण सिंह की पुत्रवधू प्रेमलता ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतीं. वह 2007 में भी विधायक बनीं. सन 2017 में कल्याण सिंह के पोते संदीप सिंह ने चुनाव लड़ा. संदीप सिंह को योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्यमंत्री बनाया गया है.

कल्याण अतरौली से कब-कब लड़े
जीत 1967, 1969, 1974,1977, 1980, 1985, 1989, 1991, 1993, 1996, 2002, पराजय- 1962ं और 1980